उदयपुर, 11 अगस्त। राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद द्वारा संचालित नम्रता प्राइमरी वूमन मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से इस रक्षाबंधन पर्व पर “एक राखी सैनिक के नाम” अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लघु उद्योग भारती से रजनी डांगी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की अखिल भारतीय ग्राम विकास सह प्रमुख डॉ. राधिका लड्ढा एवं विशिष्ट अतिथि राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद के महामंत्री वीरेंद्र प्रकाश पंचोली, प्रदेश संगठन मंत्री जगदीश कुलमी, प्रांत निर्माण कार्य प्रभारी जगदीश प्रसाद जोशी रहे।
डॉ. राधिका लड्ढा ने बताया कि अभियान के माध्यम से वनवासी बहनों द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई राखियां देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों तक पहुंचाई जाएंगी। पहल का उद्देश्य केवल राखी भेजना नहीं, बल्कि देश की सीमाओं की रक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सैनिकों के प्रति जनजातीय समाज की बहनों का स्नेह, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है। देश के वीर सैनिक सर्दी, गर्मी और बरसात की कठिन परिस्थितियों में सीमाओं पर डटे रहते हैं। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही देशवासी अपने घरों में सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण जीवन जी पाते हैं। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उदयपुर की वनवासी बहनें सैनिक भाइयों को राखी भेजकर यह संदेश दे रही हैं कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक अकेले नहीं हैं, पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।
वनवासी बहनों के हाथों से बनी राखियां
अभियान की विशेषता यह है कि राखियां वनवासी बहनों द्वारा हस्तनिर्मित की जा रही हैं। राखियों में उनकी मेहनत, हुनर और आत्मीयता के साथ-साथ स्वावलंबन की भावना भी जुड़ी हुई है। विभिन्न प्रकार की राखियों के साथ फैंसी ज्वेलरी, गृह-सज्जा सामग्री आदि भी तैयार की जा रही हैं। एक राखी का मूल्य 100 रुपये रखा गया है। इस माध्यम से समाज के लोग भी अभियान से जुड़कर सैनिक भाइयों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकते हैं।
रजनी डांगी ने सैनिक भाइयों के नाम संदेश देते हुए बताया कि “हमारे सैनिक भाई सीमाओं पर सर्दी, गर्मी और बरसात में कठिन परिस्थितियों के बीच देश की रक्षा के लिए डटे हुए हैं। आपके त्याग और बलिदान के कारण ही हम अपने घरों में चैन से सो पाते हैं और सुरक्षित जीवन जीते हैं। रक्षाबंधन का पावन पर्व आने वाला है। इस अवसर पर हम उदयपुर की वनवासी कल्याण परिषद की बहनें आपके लिए अपने हाथों से राखियां भेज रही हैं। इन राखियों में हमारा स्नेह, आशीर्वाद और आपके प्रति सम्मान समाहित है। हमारे साथ वनवासी समाज के भाई-बहनों, माताओं तथा गांवों के बच्चों ने भी इस कार्य में सहयोग किया है।
वीरेंद्र प्रकाश ने समाज के सभी वर्गों से इस भावनात्मक अभियान से जुड़ने और “एक राखी सैनिक के नाम” समर्पित करने का आह्वान किया है। यह पहल जनजातीय बहनों के कौशल, स्वावलंबन और राष्ट्रभक्ति को सैनिक भाइयों के प्रति सम्मान से जोड़ने का प्रेरणादायी प्रयास है।
‘एक राखी सैनिक के नाम’ – जनजातीय बहनों का सैनिकों के प्रति स्नेह और सम्मान का अनूठा अभियान
