राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने कसा शिकंजा
उदयपुर, 7 अगस्त। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल (आरएसपीसीबी) के क्षेत्रीय कार्यालय, उदयपुर ने उदयपुर एवं सलूम्बर जिले के सभी ईंट-भट्टा स्वामियों, संचालकों एवं ईंट-भट्टा एसोसिएशन के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए केंद्र सरकार के पर्यावरणीय मानकों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आरएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी विनय कट्टा ने जारी सूचना में बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचनाओं के अनुरूप सभी ईंट-भट्टों को जिग-जैग तकनीक में परिवर्तित करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही ईंट-भट्टों की चिमनी पर निर्धारित ऊंचाई पर पोर्ट होल, स्पाइरल लैडर एवं प्लेटफॉर्म की स्थापना भी नियमानुसार करना आवश्यक है, ताकि उत्सर्जन की प्रभावी निगरानी एवं निरीक्षण किया जा सके। क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि जिग-जैग प्रणाली में परिवर्तन की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। ऐसे में सभी संबंधित संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
आरएसपीसीबी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी ईंट-भट्टे द्वारा इन निर्देशों की पालना नहीं की जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें संचालन सहमति (सीटीओ) निरस्त किए जाने सहित वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी शामिल होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित ईंट-भट्टा स्वामी एवं संचालकों की होगी।
प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने सभी संबंधित पक्षों से भारत सरकार एवं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के निर्देशों का समयबद्ध पालन करने की अपील की है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ निर्धारित प्रदूषण मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
