15 दिन में 90बी की कार्रवाई शुरू करने और संयुक्त एफटीएल जांच की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उदयपुर। उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सेक्टर-13 स्थित गोविंद नगर, बसंत विहार और रूपाजी की बाड़ी कॉलोनियों में पिछले दो दशक से अधिक समय से रह रहे एक हजार से अधिक परिवारों ने अब अपने मकानों के नियमन और पट्टों की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। गोविंद नगर जन विकास समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 15 दिनों के भीतर सुनवाई कर 90बी की कार्रवाई पुनः शुरू करने तथा क्षेत्र की संयुक्त एफटीएल (फुल टैंक लेवल) जांच कराने की मांग की है।
समिति का कहना है कि राजस्व ग्राम गोवर्धन विलास की विभिन्न आराजी संख्याओं को प्रशासन द्वारा फूटा तालाब क्षेत्र मानते हुए 90बी की कार्रवाई रोक दी गई है। जबकि क्षेत्र में 70 से 80 प्रतिशत पक्के मकान बन चुके हैं और बिजली, पानी, सड़क तथा नाली जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहां जलभराव जैसी कोई स्थिति भी नहीं है।
समिति ने अपने ज्ञापन में वर्ष 2008 के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त के उस आदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें छह माह के भीतर मामले का पुनः निर्णय करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के राजस्थान राज्य बनाम अल्ट्राटेक मामले के निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया कि न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भूमि की वास्तविक स्थिति राजस्व रिकॉर्ड से अधिक महत्वपूर्ण होती है। यदि जमीन पर तालाब या जलभराव नहीं है तो केवल रिकॉर्ड के आधार पर विकास कार्यों को नहीं रोका जा सकता।
समिति ने तहसीलदार गिरवा की 14 अगस्त 2025 की रिपोर्ट तथा जल संसाधन विभाग की 15 जून 2026 की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया है। इन रिपोर्टों में संबंधित खसरों में नदी, नाला या विभागीय तालाब दर्ज नहीं होने तथा फूटा तालाब के संबंध में कोई तकनीकी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है।
समिति का कहना है कि बॉक्स कलवर्ट बनने के बाद क्षेत्र में जलभराव की समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। इसलिए यूडीए, राजस्व एवं जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर एफटीएल एवं भराव क्षमता की जांच कराई जाए और उसके बाद नियमन की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होती है तो ष्नियमन एवं सड़क निर्माण हेतु संघर्ष समितिष् के बैनर तले बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ष्जब तक पट्टों की बहाली और नियमन नहीं होगा, तब तक मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।ष् साथ ही गोवर्धन विलास से सविना तक 100 फीट सड़क निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र के निवासी पिछले 20 से 25 वर्षों से यहां रह रहे हैं, सभी सरकारी करों का भुगतान कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें अपने मकानों के पट्टे नहीं मिले। अब कॉलोनीवासी अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करने को तैयार हैं।
18 साल से नियमन का इंतजार, अब आर-पार की लड़ाई, गोविंद नगर के लोगों का ऐलान-पट्टा नहीं तो वोट नहीं’
