उदयपुर, 19 जुलाई। वनवासी कल्याण परिषद राजस्थान प्रांत के प्रांतीय कार्यालय में जनजाति क्षेत्र में काम करने वाले आरोग्य रक्षक़ो का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर विशेषज्ञ चिकित्सक एवं विषय विशेषज्ञों की देखरेख में संपन्न हुआ।
प्रांत के चिकित्सा आयाम प्रमुख एवं क्षेत्र के जाने-माने बाल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर राजेश मलिक ने बताया कि सुदूर जनजाति क्षेत्र में होने वाली मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए इन आरोग्य रक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। आरोग्य रक्षक को कुछ दवाइयों का एक किट उपलब्ध करवाया जाता है जिससे जनजाति बंधु को एक बार तुरंत रूप से प्राथमिक चिकित्सा मिल सके। उसके बाद यही आरोग्य रक्षक उसे मरीज को निकटस्थ प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों पर पहुंचने के लिए यथासंभव सुविधा प्रदान करते हैं। उन्होने बताया कि आरोग्य रक्षक के द्वारा जनजाति क्षेत्र में फैलने वाली अनेक मौसमी बीमारियों की जानकारी भी प्रांत स्तर पर प्राप्त होती है जिसके बाद संबंधित ग्राम या फले में कैंप लगाकर उसका निदान किया जाता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद के महामंत्री वीरेंद्र पंचोली ने कहा कि परिषद जनजाति समाज के संपूर्ण उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में हम धरातल पर एक अग्रणी पहचान बना रहे हैं। सुदूर वनांचल क्षेत्र में आरोग्य रक्षक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका में है एवं जन सेवा का यह कार्य समाज द्वारा स्वीकार्य भी है। कार्यक्रम में वनांचल शिक्षा समिति के सचिव सज्जन सिंह, सह सचिव कुंज बिहारी, चिकित्सा आयाम के डॉक्टर ललित, डॉक्टर रामलाल, रमेश, रामलाल, ओम सहित अनेक कार्यकर्ता एवं नागरिक बंधु उपस्थित रहे।
