उदयपुर, 19 जुलाई। हिरण मगरी सेक्टर-4 स्थित जैन तीर्थ परिसर में आज श्रद्धा, भक्ति और धर्ममय वातावरण से सराबोर हो उठा, जब मुनिराज नव्यप्रसन्नकीर्तिसागर महाराज एवं महाशतावधानी मुनिराज दिव्यप्रसन्नकीर्तिसागर महाराज,साध्वी जिनरसाश्रीजी, देवर्धिरत्नाश्रीजी सहित श्रमण-श्रमणी वृंद का नगरवासियों ने भावपूर्ण स्वागत किया। मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं उद्योगपति व चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी मांगीलाल लुणावत थे।
श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक जिनालय समिति के अध्यक्ष सुशील बांठिया ने बताया कि मंगल प्रवेश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। जयघोष, मंगल गीत, धर्मध्वज एवं भक्ति के माहौल के बीच साधु-संघ का अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु भगवंतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा चातुर्मास के दौरान नियमित प्रवचन, धर्म आराधना एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में सहभागी बनने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में गुरु भगवंतों ने चातुर्मास को आत्मशुद्धि, संयम, तप, स्वाध्याय और सेवा का श्रेष्ठ अवसर बताते हुए श्रद्धालुओं से धर्म आराधना के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया। आयोजन में समाज के पदाधिकारी, विभिन्न समितियों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर समाजसेवी सुनील लुणावत,महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर भी मौजूद थे। प्रवेश के अवसर पर पाठशाला के बच्चों द्वारा चातुर्मास के महत्व पर एक नाटिका का भी मंचन किया गया। सुशील बांठियां परिवार ने कामली बोहरानें का तथा सुनील लुणावत ने गुरूपूजन का लाभ लिया। स्वामीवात्सल्य के लाभार्थी चेतनलाल दोशी एवं अनिल दोशी परिवार थे।
भक्ति और मंगलमय वातावरण के बीच हुआ महाराज का चातुर्मास प्रवेश, श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
