उदयपुर, 20 मई: उदयपुर के प्रतापनगर थाने में तैनात एएसआई सुनील बिश्नोई के एक लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। एसीबी की पूछताछ और रिमांड नोट के अनुसार आरोपी एएसआई ने थाने के एक कमरे को ही ‘टॉर्चर रूम’ बना रखा था, जहां पीड़ितों को डरा-धमकाकर मोटी रकम वसूली जाती थी।
जांच में सामने आया कि 7 मई को एक कैफे में युवती से मामूली कहासुनी के बाद एएसआई सुनील बिश्नोई ने अपने साथी कॉन्स्टेबल बनवारीलाल और शंकरलाल के साथ मिलकर युवक को थाने ले जाकर बंधक बना लिया। विरोध करने पर उसे थप्पड़ मारे गए और पट्टे से बेरहमी से पीटा गया। इसके बाद दुष्कर्म की धारा 376 में फंसाने की धमकी देते हुए कहा गया कि “रुपए नहीं दिए तो लंबे समय के लिए अंदर जाना पड़ेगा।”
सूत्रों के अनुसार एएसआई ने सीधे रकम बोलने के बजाय मोबाइल के कैलकुलेटर पर 3 लाख रुपए लिखकर पीड़ित को दिखाए। बाद में कॉन्स्टेबल शंकरलाल ने बिचौलिये की भूमिका निभाते हुए सौदेबाजी करवाई और मामला 1.30 लाख रुपए में तय हुआ। आरोपी एएसआई पहले ही 25 हजार रुपए ले चुका था।
पंद्रह दिन के लिए भेजा जेल
पीड़ित की शिकायत पर एसीबी ने 17 मई को जाल बिछाकर एएसआई सुनील बिश्नोई को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने आरोपी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं दोनों कॉन्स्टेबलों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनकी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
