चूरू पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी के 15 लाख रुपये करवाए रिफंड; डीलरशिप के नाम पर हुई थी धोखाधड़ी

म्यूल हंटर अभियान के तहत रतनगढ़ पुलिस ने ट्रेस किया पैसों का रूट

जयपुर 17 मई। चूरू जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम. के निर्देशन में साइबर अपराधियों और संदिग्ध बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ के तहत रतनगढ़ थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजानगढ़ सतपाल सिंह व वृत्ताधिकारी रतनगढ़ इनसार अली के सुपरविजन तथा थानाधिकारी गौरव खिड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर फ्रॉड के शिकार हुए पीड़ित के 15,00,000 रुपये उनके बैंक खाते में सकुशल रिफंड करवाए हैं।
घटनाक्रम के अनुसार 8 अक्टूबर 2025 को परिवादिया मंजु कंवर पत्नी गोविंद सिंह ने साइबर पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित गोविंद सिंह ने जुलाई 2025 में गूगल पर ‘PURE Energy Private Limited’ (तेलंगाना) का विज्ञापन देखकर पूरे राजस्थान की इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर डीलरशिप के लिए आवेदन किया था। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने झांसा देकर टोकन मनी और प्री-रजिस्ट्रेशन के नाम पर दो बार में कुल 15 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। राशि प्राप्त होने के बाद कंपनी ने पूरे राजस्थान के बजाय सिर्फ चूरू की डीलरशिप देने की बात कही और पीड़ित की फर्म ‘कृष्णा बिजनेस एवं प्रॉपर्टीज’ को बिना कोई माल डिलीवर किए फोन उठाना बंद कर दिया।
शिकायत मिलते ही थानाधिकारी गौरव खिड़िया और उनकी टीम ने साइबर पोर्टल 1930 के माध्यम से स्थानांतरित राशि के रूट को ट्रेस किया। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए विभिन्न बैंकों और साइबर पोर्टल के नोडल अधिकारियों से संपर्क कर ठगी की 15 लाख रुपये की राशि को होल्ड करवा दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान सहायक उप निरीक्षक रामनिवास को सौंपा। जांच अधिकारी ने कंपनी के दावों और ई-मेल्स का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। कंपनी बार-बार दावा कर रही थी कि उसने वाहन भिजवा दिए हैं, लेकिन पुलिस अनुसंधान में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया और मामला वित्तीय धोखाधड़ी (सिविल नेचर) का प्रमाणित होने पर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश की गई। इसके बाद माननीय एसीजेएम कोर्ट रतनगढ़ के आदेश पर पुलिस ने अग्रिम कार्यवाही करते हुए पीड़ित के पूरे 15 लाख रुपये रिफंड करवाए।
इस पूरी रिकवरी प्रक्रिया में कांस्टेबल महेंद्र (344) और कांस्टेबल मुकेश (340) की विशेष व सराहनीय भूमिका रही।

By Udaipurviews

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