झूठे शपथ पत्र और गलत जानकारी देने वाले के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने का आग्रह
स्वच्छ भारत मिशन को गंभीरता से नहीं लेने का हर्जाना आम जनता को भुगतना पड़ रहा है : के के गुप्ता
उदयपुर। स्वच्छ भारत मिशन शहरी अंतर्गत नगर परिषद डूंगरपुर सहित नगर निकाय बांसवाड़ा झुंझुनू , मंडावा और नवलगढ़ में अपनी कार्यशैली और दूरदर्शिता के दम पर निकायों को स्वच्छता सर्वेक्षण में अलग पहचान दिलाने वाले तथा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत राजस्थान सरकार द्वारा मनोनीत स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री के के गुप्ता ने झूठे शपथ पत्र और गलत जानकारी देने वाले कार्मिकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने का आग्रह करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन जोकि देश के प्रधानमंत्री महोदय श्री नरेंद्र भाई मोदी का एक बहुत बड़ा विजन है, इसको लेकर अपनी वेदना व्यक्त की है कि किस प्रकार अधिकारी इस अभियान को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं तथा इस अभियान को विफल करने में लगे हुए हैं, जिसका हर्जाना आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
श्री गुप्ता ने प्रधानमंत्री गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में स्वच्छता को धरातल पर उतारने के लिए सख्त लहजे में कार्यवाही किए जाने की जरूरत तथा झूठा शपथ पत्र और गलत सूचनाएं देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही किए जाने के आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है।
स्वच्छ और सुंदर भारत बनेगा तब विश्व गुरु कहलायेगा
पत्र में बताया कि स्वच्छता को लेकर सरकार भारी विकास की राशि खर्च कर रही है साथ ही यशस्वी प्रधानमंत्री देश को समृद्ध एवं मजबूत बनाने तथा आजादी के 100 वर्ष 2047 में विश्व गुरू बनाने की बात तब ही सम्भव होगी जब भारत स्वच्छ बनेगा अनकों बार कह चुके हैं। मेरे द्वारा माननीय प्रधानमन्त्री जी, माननीय गृह मंत्री जी, माननीय मुख्य मंत्री जी से पत्राचार के माध्यम से बताया गया था आज कुछ शहर एवं गांव गन्दगी के अड्डे बन गये है जगह-जगह सडकों पर प्लास्टिक एवं गन्दगी फैली होने के साथ-साथ गाये एवं जानवर उस गन्दगी एवं प्लास्टिक को खा रहे हैं तथा जानवर मर रहे है, फैल रही गन्दगी से कीडे-मकोडे पनप रहे है तथा बिमारियां फैला रहे है आज हम देख रहे आयुष्मान बीमा योजना में करीब 2500 करोड़ रूपया ईलाज पर सालाना खर्च हो रहा है तथा यह खर्चा ज्यादातर मात्र गन्दगी से फैलने वाली बिमारियों से हो रही है जो कि जानलेवा भी है अगर स्वच्छता को आयुष्मान बीमा योजना से जोडा जाता है तो यह स्थिती सरकार की नजरों में स्पष्ट हो जायेगी। यहाँ यह भी आवश्यक है जब डूंगरपुर शहर स्वच्छता में देश में अव्वल आ सकता है बाकि शहर क्यों नहीं आ सकते है।
सिर्फ भाषणों कागजों और आंकड़ों में दिख रही स्वच्छता, धरातल पर हालत गंभीर आज हम स्वच्छता को केवल कागजों में ज्यादा तथा वास्तविकता में कम देख रहे शहरी एवं ग्रामीण सार्वजनिक टॉयलैटों की स्थिति बडी दयनीय है, बगीचों में घास एवं बच्चों के झूलने के साधनों को टूटा फूटा होना व चारों तरफ गन्दगी तथा घटिया क्वालिटी की देशी घास लगी हुई है तथा ईसानों से ज्यादा बगीचों में कुत्ते देखने मिलते हैं, सीवरेज लाईनों का गन्दा पानी सडकों पर आना, जगह-जगह झाड-झन्कार होना, खाली प्लाटो में गन्दगी होना आम बात हो गई है।
वर्तमान में कचरा यार्डो की स्थिति विस्फोटक हो चुकी है एक तरफ सरकार प्रदूषण फैलाने वाली कम्पनियों से प्रदूर्षण मुक्त करवाने को लेकर बडे-बडे अभियान चला रही है तथा कार्बन क्रेडिट देकर प्रदूषण मुक्त भारत बनाने के लिए कार्य कर रही है। दूसरी तरफ कचरा यार्डो में आग लगाकर कचरे को समाप्त करने का कार्य बडी सफाई से किया जा रहा है जबकि इसके दुष्परिणाम बडे भयानक एवं गंभीर है। आस-पास रहने वाले लोग जानलेवा बिमारियों से ग्रसित हो रहे है व उम्र पूरी होने से पहले ही मुत्यु प्राप्त कर रहे है तथा जहरीला धूंआ आस-पास एवं दूर-दूर तक प्रदूषण फैला रहा है तथा सरकार द्वारा दी जा रही बडी राशि जो कि ‘‘लैगेसी वैस्ट’’ हटाना, कचरा सेग्रिगेशन करना, बायो मिथेनेशन एवं कम्पोस्ट बनाने के नाम से कचरे में आग लगाकर कचरे को नष्ट किया जा रहा।
स्वच्छ राजस्थान बनाने के लिए इसमें शक्ति बरतने के साथ-साथ गन्दगी फैलाने वालों के विरूद्ध दण्डनात्मक कार्यवाही करने के साथ-साथ अधिकारियों पर भी जो कि झूठे एवं गलत आंकडों को प्रदर्शित कर सरकार एवं जनता के साथ धोखा कर रहे है तथा न्यायालय में वाद करने पर कई अधिकारी तो झूठे शपथ पत्र देकर माननीय न्यायालय को भी गुमराह कर रहे है ऐसे अधिकारियों का पर्दाफाश करना जनहित में उचित होगा।
