जीवन में मिले स्वर्णिम अवसर को पहचानें, परिवार में मधुर वाणी से बढ़ता है आनंदःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में शुक्रवार को नियमित प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि जीवन में मिलने वाले अवसरों का सदुपयोग करना चाहिए। परमात्मा का सान्निध्य मिलने के बाद भी यदि व्यक्ति आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे नहीं बढ़ता, तो वह स्वर्णिम अवसर खो देता है। प्रकृति द्वारा दिया गया अवसर बार-बार नहीं मिलता। साध्वी श्रीजी ने कहा कि जिस प्रकार कुम्हार कच्ची मिट्टी को आकार देता है, उसी प्रकार गुरु भगवंत अपने मार्गदर्शन से जीवन को संस्कारित करते हैं। वियोग में भी स्मरण का आनंद है और अभाव से ही संयोग की अनुभूति होती है।…
