सब प्राणियों की रक्षा ही रक्षाबंधन का सारःज्ञानचन्द महाराज
उदयपुर। न्यू भूपालपुरा स्थित अरिहन्त नगर में आयोजित धर्मसभा में बोलते हुए आचार्य ज्ञानचन्द महाराज ने कहा कि सभी धर्मों का मूल संदेश रक्षा ही रहा है। दया धर्म का मूल है। दुनिया का हर इंसान, हर प्राणी चाहता है कि उसकी रक्षा हो। रक्षाबन्धन यह भाई बहनों का पर्व माना जाता है। इसका मतलब यह है कि पुरुष के लिए अपनी पत्नी के अलावा सारी नारियां बहिनें हैं। उसे बहन की दृष्टि से देखें और यथासंभव उनकी रक्षा करें। बहिन धागा इसलिए बांधती है कि धागे को देखकर याद रखो कि सभी बहनों को बचाना है। यह ध्यान रहे…
