यश महाराणा प्रताप को आराध्य मानकर करता है पूजा
उदयपुर। सात वर्ष की आयु से ही यश सनाढ्य महाराणा प्रताप को ईश्वर स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते आ रहे हैं। अपने अध्ययन कक्ष में उन्होंने महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित की है, जहाँ वे प्रतिदिन विद्यालय जाने से पहले और लौटकर आने के बाद श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं। महाराणा प्रताप के शौर्य से प्रेरित होकर यश तलवारबाज़ी की कला सीख रहे हैं और उसी शैली का अभ्यास करते हैं, जिसका प्रयोग स्वयं महाराणा प्रताप किया करते थे। साथ ही, वे उनकी जीवनी का गहन अध्ययन कर रहे हैं और यह जान रहे हैं कि उन्होंने अपने समाज…
