अपने भीतर पूजा के भाव लायेंः विरलप्रभाश्री
आज शास्त्र कल्पसूत्र बोहराये जायेंगे उदयपुर। पर्वाधिराज पर्युषण के दूसरे दिन सूरजपोल स्थित दादाबाड़ी में साध्वी विरलप्रभा श्रीजी, साध्वी विपुलप्रभा श्रीजी और साध्वी कृतार्थप्रभा श्रीजी की पावन निश्रा में चल रहे पर्वाधिराज पर्युषण के कार्यक्रमों के तहत धर्मसभा में साध्वी विरलप्रभा श्रीजी ने कहा कि 5 कर्तव्य और 11 वार्षिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। जिनभक्ति किस तरह करनी है। हम मंदिर जाते हैं या नहीं। अलग अलग मंदिर जाते हैं या सिर्फ एक ही जगह जाते हैं। यहां न ज्ञान वृद्धि करनी है और न ही देव पूजा में। हम मनुष्य गति में हैं। अंदर पूजा के भाव लाने…
