जो आज है वह कल रहेगी,आवश्यक नहींःज्ञानचन्द्र महाराज
अधिकांश ने रात्रि भोजन त्याग का संकल्प लिया उदयपुर। न्यू भूपालपुरा के अरिहंत भवन परिसर में सैकड़ो भाई बहनों के बीच ’पर्युषण पर्व की आराधना के तीसरे दिन जैनाचार्य ज्ञानचंद्र महाराज ने कहा जो आज है, वह कल रहना जरूरी नहीं है। इसलिए ’अच्छी स्थिति में अहंकार और बुरी स्थिति में परेशान होने की जरूरत नहीं’ है। यह चक्र है, जिसे चलना ही है। आचार्य श्री ने आगे कहा कि देखो तो ख्वाब है जिंदगी,पढ़ो तो किताब है जिंदगी,सुनो तो ज्ञान है जिंदगी और मुस्कुराते रहो तो आसान है जिंदगी। हर परिस्थिति में मनोबल को मजबूत रखिए। बड़े-बड़े करोड़पति, रोड़पति…
