Year: 2024

अपने गुरू के प्रति आस्था रखें क्योंकि आस्था में ही रास्ता है: आचार्य विजयराज

अपने गुरू के प्रति आस्था रखें क्योंकि आस्था में ही रास्ता है: आचार्य विजयराज

उदयपुर, 21 जुलाई। केशवनगर स्थित अरिहंत वाटिका में आत्मोदय चातुर्मास में हुक्मगच्छाधिपति आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. ने रविवार को धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि पंचम आरे में गुरू की कृपा ही सबसे बड़ी कृपा होती है। इस संसार में माता-पिता हमारे लौकिक गुरू हैं जो हमें बाल्यकाल से ही संस्कार देते हैं। जो हमें धर्म की प्रेरणा व पावर देते हैं वे अलौकिक गुरू होते हैं। वर्तमान के परिप्रेक्ष्य में जिनकी सोच सकारात्मक, दृष्टि गुणात्मक, शैली समन्वयात्मक, व्यवहार आत्मीयतापूर्ण होता है वे ही हमारे गुरू होते हैं जो हमारे जीवन को शुरू करते हैं। अपने-अपने गुरू के…
Read More
रोटरी क्लब वसुधा ने आयोजित किये विविध कार्यक्रम  

रोटरी क्लब वसुधा ने आयोजित किये विविध कार्यक्रम  

उदयपुर। रोटरी क्लब वसुधा ने शहर में विविध कार्यक्रम आयोजित किये। जिसमें पौधरोपण,चिकित्सा सुविधा एवं स्टेशनरी वितरण कार्यक्रम शामिल थे। क्लब अध्यक्ष श्रीमती शरद राठौड़ ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व प्रान्तपाल अनिल अग्रवाल की मौजूदगी में उक्त कार्यक्रम आयोजित किये गये। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम आज  हरे-भरे वातावरण में 50 पौधों का रोपण किया। इसके अतिरिक्त  लगभग 80 रोगियों को न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मणिका और सर्जन और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नरेंद्र तिवारी सहित प्रसिद्ध विशेषज्ञों से चिकित्सा सहायता प्रदान करवायी। क्लब की ओर से वंचित बच्चों को स्टेशनरी भी वितरित की। इस अवसर पर बच्चों को शिक्षा का महत्व…
Read More
गुरु वही जो शिष्य को सत्य की राह दिखाए – साध्वी डॉ संयमलता

गुरु वही जो शिष्य को सत्य की राह दिखाए – साध्वी डॉ संयमलता

गुरुपूर्णिमा पर ऐतिहासिक महोत्सव सम्पन्न उदयपुर। गुरु शंकाओं को दूर करते हैं इसलिए शंकर हैं, विकारों के विष का हरण करते हैं इसलिए विष्णु हैं, हमें महान बनाते हैं इसलिए महावीर हैं, हमारे मन को मोह लेते हैं इसलिए मोहन हैं, दुर्गति का नाश करते हैं इसलिए दूर्गा है और हमारे गुरूर को दूर करते हैं इसलिए गुरु है। गुरु पूर्णिमा का रहस्य समझाते हुए साध्वी डॉ संयमलता ने सेक्टर चार के “सुधर्मा दरबार” में कहा कि गुरु तो सूरज की वह धूप हैं जो जिंदगी में उमंग और उत्साह की भोर लाती है। गुरु चंदा की चाँदनी हैं जो…
Read More
जो बात शिष्य किसी से नहीं कह सकता है वह गुरू को आसानी से कह सकता,ऐसा है गुरू शिष्य का रिश्ताःसाध्वी संयम ज्योति

जो बात शिष्य किसी से नहीं कह सकता है वह गुरू को आसानी से कह सकता,ऐसा है गुरू शिष्य का रिश्ताःसाध्वी संयम ज्योति

वासुपूज्य मन्दिर में साध्वी श्रीजी के गुरूपूर्णिमा पर हुए व्याख्यान उदयपुर। श्री जैन श्वेताम्बर वासुपूज्य महाराज मंदिर में रविवार को साध्वी डॉ. संयम ज्योति श्रीजी ने गुरु पूर्णिमा पर कहा कि गुरु और शिष्य का रिश्ता संसार में माता-पिता के बाद सबसे अनमोल है। कई बातें जब शिष्य किसी से नहीं कह पाता वो गुरु से कह सकता है और गुरु बिना कहे भी समझ जाता है। इसके अप्रतिम उदाहरण गुरु द्रोणाचार्य और एकलव्य का है। इसी तरह कर्ण और परशुराम का है। उन्होंने कहा कि जिस तरह एकलव्य ने गुरु द्रोणाचार्य के एक बार कहने पर ही अपना सीधे…
Read More
रोटरी क्लब उदयपुर ने एकत्रित किया 56 यूनिट रक्तदान

रोटरी क्लब उदयपुर ने एकत्रित किया 56 यूनिट रक्तदान

उदयपुर। रोटरी क्लब उदयपुर,बीएनआई व भण्डारी केयर संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आज रानी रोड़ स्थित रोटरी बजाज भवन में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। जिसमें जरूरतमंदो के लिये 56 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। क्लब अध्यक्ष अनिल छाजेड़ ने बताया कि शिविर की शुरूआत मंे क्लब अध्यक्ष अनिल छाजेड़,सचिव एडवोकेट डॉ. भरत सरूपरिया,राकेश भण्डारी,बीएनआई के सदस्यों सहित 56 लोगों ने रक्तदान किया। छाजेड़ ने बताया कि इस सत्र का क्लब की ओर से यह पहला रक्तदान शिविर था। इस प्रकार के रक्तदान शिविर और लगाकर जरूरतमंदो के लिये रक्त उपलब्ध कराया जायेगा।
Read More
7 से 70 साल के 26 फ़नकार आज स्वर लहरियां बिखेर कर रचेंगे संगीत जगत् में नया इतिहास : मुकेश माधवानी

7 से 70 साल के 26 फ़नकार आज स्वर लहरियां बिखेर कर रचेंगे संगीत जगत् में नया इतिहास : मुकेश माधवानी

बॉलीवुड के महान् गायक स्व. श्री मुकेश जी की 101वीं जन्म जयन्ती पर आयोजित स्वरांजलि - 2024 के सुर साधक प्री-इवेंट रिहर्सल करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस के लिये उदयपुर के संगीत इतिहास में पहली बार ऐसा सुरीला, अनूठा और भव्य कार्यक्रम होगा : माधवानी उदयपुर। भारतीय सिनेमा संगीत के महान् पार्श्व गायक स्वर्गीय मुकेश जी की 101वीं जन्म जयन्ती पर आज उदयपुर के सांस्कृतिक मंच  ‘सुरों की मंडली' के तत्वावधान में  अशोका पैलेस, सौ फीट रोड, शोभागपुरा के ऑडिटोरियम में आयोजित स्वरांजलि कार्यक्रम में 26 सुर-साधक उदयपुर की फ़िज़ाओं में सुर लहरियां बिखेरते हुए दिवंगत आत्मा को विनम्र…
Read More
जीवन को धर्ममय बनाने का समय चातुर्मासःसाध्वी डॉ संयमलता

जीवन को धर्ममय बनाने का समय चातुर्मासःसाध्वी डॉ संयमलता

गुरू पूर्णिमा पर आज होगा गुरु का जीवन में उपकार विषय पर व्याख्यान उदयपुर। श्रमण संघीय साध्वी डॉ.संयमलता ने कहा कि चातुर्मास का लक्ष्य यही है कि अपने जीवन को संयम पथ पर मोड़ें। बुरी आदतें छोड़कर जीवन को संयमित बनाने का लक्ष्य रखें। तप व आराधना करें। जैन परिवार पढने-लिखने, डिग्रियंा हासिल करने और व्यवसाय करने में तो श्रावक-श्राविकाएं लगातार आगे बढ़ रहे हैं लेकिन समय नही होने का बहाना करते हुए धर्म के रास्ते से भटक रहे हैं। ऐसे मे सभी जैन समाज के लोग चार महिने गुरूवाणी का लाभ ले और अपने जीवन को परमात्मा के साथ…
Read More
सनातन और जैन संस्कृति दोनों में चातुर्मास का विधान

सनातन और जैन संस्कृति दोनों में चातुर्मास का विधान

वासुपूज्य मन्दिर में साध्वी श्रीजी के नियमित व्याख्यान आरंभ उदयपुर। श्री जैन श्वेताम्बर वासुपूज्य महाराज मंदिर में शुक्रवार को साध्वी डॉ. संयम ज्योति श्रीजी ने कहा कि चतुर्दशी से आज व्याख्यान आरंभ हुए है। चातुर्मास के ये चार महीने स्थिरता का सूचक है। वर्षाकाल में जीवों की उत्पत्ति होती है। परमात्मा ने चार महीने कहीं नही जाने का आदेश दिया। व्यवसाय में इन चार महीनों में मंदी होती है। उन्होंने कहा कि इस समय साधु संतों की निश्रा में ज्ञानार्जन करना चाहिए। जहां चातुर्मास नही होते, वहां वर्षा नही होने वाले क्षेत्रों जैसी स्थिति होती है। सनातन और जैन संस्कृति…
Read More
हमें शरीर की नहीं आत्मा की चिंता करनी चाहिए: यशप्रेम सूरिश्वर

हमें शरीर की नहीं आत्मा की चिंता करनी चाहिए: यशप्रेम सूरिश्वर

उदयपुर, 20 जुलाई। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जिनालय समिति सेक्टर-4 में शनिवार को आचार्य यशप्रेम सूरिश्वर जी म.सा. ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें शरीर की चिंता नहीं करके आत्मा की चिंता करनी चाहिए। इस हेतु धर्म आराधना करते रहना चाहिए। इस अवसर पर श्री सुधर्मास्वामी प्रवचन खंड का उद्घाटन किया, जिसके लाभार्थी अजित कुमार की स्मृति में श्रीमती आशालता, अविनाश-सुप्रिया, अनुराग-हर्षा जैन ने लिया। समिति अध्यक्ष सुशील बांठिया ने बताया कि नेमिनाथ भगवान के 18 गणधर तप का आरंभ हुआ।
Read More
राग-द्वेष के नाश से आत्मा को मिलता है मोक्ष: निरागरत्नविजय

राग-द्वेष के नाश से आत्मा को मिलता है मोक्ष: निरागरत्नविजय

उदयपुर, 20 जुलाई। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के तत्वावधान में चौगान मंदिर स्थित आराधना भवन में शनिवार को धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए पन्यास प्रवर निरागरत्नविजय जी म.सा. ने कहा कि चातुर्मास में पाप प्रवृत्तियों को समाप्त करो, जिससे आपकी आत्मा का पुण्य का बैलेंस बढ़े एवं आत्मा की आध्यात्मिक प्रगति होवें। धर्म के समाचार, कार्यों को भेजें, जिससे की आपके एवं आपसे संबंधित हर एक व्यक्ति के जीवन में धर्म का आगमन हो सके। परमात्मा का शासन जन-जन तक पहुंचे ऐसे कार्य हमारे द्वारा होवें। आसक्ति एवं आलस को बैन करें जिससे चातुर्मास में ज्यादा से ज्यादा अप्रमत्त…
Read More
error: Content is protected !!