विद्या के माध्यम से ही सर्वांगीण विकास संभव – प्रो. सारंगदेवोत
54 वीं तिलक आसन व्याख्यान माला का हुआ आयोजन भारतीय ज्ञान परम्परा में वैदिक ज्ञान विषय पर व्याख्यान का हुआ आयोजन ज्ञान जीविका नहीं अपितु जीवन का आधार - प्रो. परमानंद भारतीय ज्ञान परंपरा से ही बनेगा विकसित भारत - प्रो. परमानंद उदयपुर, 23 जुलाई। विकसित भारत बनाने तथा विश्व गुरु के पद को पुनस्र्थापित करने के लिए आज आवश्यकता है भारतीय ज्ञान परंपरा को अपनाते हुए गुरू परम्परा के साथ हमें वेदों-गुरुकुलों की ओर लौटने की। ज्ञान जीवन के लिए है, केवल जीविका अर्जन तक सीमित नहीं हैं। वर्तमान युवा पीढ़ी को ज्ञान के इस रूप को समझना और…
