अज्ञानता का बहाना लेकर हम कर्म सत्ता से बच नहीं सकते : निरागरत्न
उदयपुर, 9 अगस्त। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के तत्वावधान में मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में चातुर्मास कर रहे पंन्यास प्रवर निरागरत्न जी म.सा. ने शुक्रवार को धर्मसभा में कहा कि महापुरूष अपनी हरेक घटना से कोई न कोई मैसेज रिलीज करके ही जाते हैं। प्रभु के पांच कल्याणक भी मैसेज देते हैं सुख खराब है वो भी छोड़ने जैसा है, प्रभु ने जो अपनाया वो अपनाने की और जो छोड़ा उसको छोड़ने की इच्छा क्यों नहीं होती? जन्म खराब है, जन्म ही सभी दुःखों का मूल है। कोई बड़ा गुनाह करे तो उसकी सजा क्या? मृत्युदंड कर्मसत्ता की…
