24 घंटे में उल्टी और तेज झटके से 2 बच्चियों की मौत, पोस्टमार्टम के बाद खुलेगा राज

सलूम्बर। जिले में 24 घंटे में 2 चचेरी बहनों की मौत से एक बार फिर हड़कंप मच गया। एक परिवार की दोनों बच्चियों को अचानक उल्टी की शिकायत हुई और उन्हें तेज झटके (सीजर) आने लगे। दोनों बच्चियों की मौत घर पर हो गई। मामला जिले के लसाड़िया क्षेत्र के खजुरी पंचायत के कुंडा गांव का है। इन मौतों के बाद गांव में डर का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं। हालांकि अभी दोनों बच्चियों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर 12 बजे आशा (6) पिता तेजा मीणा की अचानक तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे रूसिया (5) पिता समीया मीणा ने भी दम तोड़ दिया। दोनों चचेरी बहनें थी। एक के बाद एक हुई दो मौतों ने प्रशासन को चौंका दिया। वहीं टीम ने गांव के कुछ बच्चों को बीमार मिलने पर लसाड़िया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में लाकर भर्ती करवाया है।
एक बच्ची का कराया पोस्टमार्टम : सूचना मिलते ही बीसीएमएचओ डॉ. सिंटु कुमावत ने मामले की गंभीरता को समझा और उनकी पहल पर मृतका रूसिया के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह सामने आ पाएगी। घटना की जानकारी मिलते ही लसाड़िया CHC पर प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं का जमावड़ा लग गया।
टीम घर-घर जाकर कर रही सर्वे : स्वास्थ्य विभाग ने भी एक्शन लेते हुए मेडिकल टीमों को कुंडा गांव के लिए रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। टीम जांच रही हैं कि क्या कोई और बच्चा भी बीमार तो नहीं है। फिलहाल पूरा प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाकर आगे की रोकथाम की जा सके।
 पशुओं के संभावित रोगों से बचाव के लिए किया जा रहा स्प्रे : मच्छर जनित संभावित रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग एवं एंटी लार्वल गतिविधियाँ तेज कर दी गई हैं। मच्छरों एवं अन्य वाहक जीवों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर नियमित रूप से स्प्रे किया जा रहा है। साथ ही, पशुओं में संभावित संक्रमण को ध्यान में रखते हुए पशुपालन विभाग की टीमों द्वारा भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गांवों में दवा छिड़काव कर वातावरण को स्वच्छ एवं रोगमुक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना के बाद सलूंबर उपखंड अधिकारी जगदीश बामनिया, तहसीलदार रामजीलाल गुर्जर, विकास अधिकारी मांगु सिंह मीणा और पुलिस टीम पहुंची। साथ ही पूर्व प्रधान कन्हैयालाल मीणा भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों में मौत के कारणों को लेकर काफी असमंजस है। इस पर अधिकारियों और पूर्व प्रधान ने उनसे समझाइश की और पोस्टमार्टम के लिए राजी किया।

By Udaipurviews

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