पुजारी को जिंदा जलाने के मामले का खुलासा : हैदराबाद से 20 हजार में दी सुपारी, पेट्रोल बम फेंककर जानलेवा हमला, चौकी प्रभारी व सिपाही निलंबित

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

-सैय्यद हबीब

उदयपुर। पुजारी व उसकी पत्नी को जिंदा जलाने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और 12 लोगों को हिरासत में लिया है। पुजारी की हालत गंभीर बनी हुई है। वो 80 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। जयपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने एक शख्स को हैदराबाद से दस्तयाब किया है जिसने पुजारी पर जानलेवा हमला करने के लिए 20 हजार रुपए की सुपारी दी थी। यह मामला राजसमंद जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र का है।
राजसमंद एएसपी शिव लाल बैरवा ने बताया कि सोमवार देर शाम पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 को डिटेन किया है। वहीं देवगढ़ एसएचओ शैतान सिंह और कामली घाट चौकी प्रभारी राजू सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस नरेन्द्र सिंह की भूमिका को प्रमुख मान रही थी। उसी को आधार मानते हुए पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें सामने आया कि नरेन्द्र सिंह ने 20 हजार रुपए देकर नकाबपोश बदमाशों से पेट्रोल डलवाया था। उधर, पुलिस हैदराबाद के गुंटूर से जितेंद्र सिंह को डिटेन किया है। पूरे मामले में यह भी सामने आया कि जितेंद्र ने ही इस घटना को हैदराबाद में बैठकर प्लान किया था। उसके प्लान के मुताबिक पैसा देकर दूसरे लोगों से पेट्रोल फिंकवाने और घटनास्थल पर मौजूद नहीं होने के कारण उसका नाम सामने नहीं आएगा। लेकिन पुलिस उस तक पहुंच गई। जितेंद्र सिंह समेत पुलिस ने पूछताछ के लिए रमेश सिंह (19), ईश्वर सिंह (19), गिरीराज सिंह (26), राम सिंह (36), देवीसिंह (26), गंगा सिंह (62), सेसा सिंह (26), छगन सिंह (18), हरि ओम सिंह (20), राजू सिंह रावत (60) और हजारी सिंह रावत (55) को डिटेन किया है। ये सभी देवगढ़ इलाके के हैं। एएसपी शिव लाल बैरवा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक हर देव भाट विजयपुरा ग्राम पंचायत का सरपंच पति है। इस मामले में पुलिस ने हर देव भाट के अलावा नरेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह, जीतू उर्फ जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है।
यह है मामला : देवगढ़ थाना के हीरा की बस्सी गांव में देवनारायण भगवान के मंदिर की पूजा की जिम्मेदारी नवरत्नलाल (75) के पास है। पिछले कई सालों से नवरत्नलाल का परिवार मंदिर में पूजा-अर्चना करता आ रहा है। मंदिर से ही कुछ दूरी पर नवरत्नलाल का मकान है। इसी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुजारी का भतीजा यशपाल (23) गांव में बने घर पर था। रविवार रात करीब 8:30 बजे नवरत्नलाल उनकी पत्नी जमना देवी (60) अपने बेटे मुकेश (22) के साथ बैठकर खाना खा रहे थे। मुकेश ने बताया कि तभी मुंह पर कपड़ा बांधे 10 से 12 लोग आए। हाथ में उनकी जलती हुई लकड़ी थी। जैसे ही वे अंदर आए पहले मेरा मुंह और हाथ बांध दिया। इसके बाद खाना खा रहे माता-पिता पर पेट्रोल के गुब्बारे फेंक जलती हुई लकड़ी डाल दी। मैंने जैसे-तैसे रस्सी खोल पानी डालना शुरू किया। कुछ देर बाद आस-पड़ोस के लोग भी आ गए। बुजुर्ग दंपती को देवगढ़ सीएचसी लाया गया। जहां से उदयपुर व वहां से जयपुर रेफर किया गया।
पहले भी हो चुका है विवाद
मंदिर के पास करीब 22 बीघा जमीन है। पुजारी का परिवार भी मंदिर की जमीन पर ही रहता है। पीड़ित परिवार ने बताया कि इसी जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। बेटे का आरोप है कि गांव के ही कुछ युवक इस जमीन को हड़प यहां प्लॉट काटना चाह रहे हैं। जब हमने मना कर दिया तो दबंगई करने लगे। कुछ समय पहले भी कामली घाट पुलिस चौकी में शिकायत की थी। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई।

By Udaipurviews

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