पुलिस ने बमुश्किल किया काबू, एसपी ने खुद संभाला मोर्चा, बाजार रहे बंद
उदयपुर : श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी की जयपुर में हुई हत्या के विरोध में राजपूत समाज के साथ विभिन्न समाजों ने बुधवार को उदयपुर में उग्र प्रदर्शन किया। रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों के पथराव से कुछ समय अफरा—तफरी मच गई। खुद पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव ने मोर्चा संभाला तथा पुलिस ने समझाइश तथा थोड़ी कड़ाई बरतते हुए बमुश्किल माहौल को शांत किया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कलराज मिश्र के नाम ज्ञापन दिया।
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश दादरवाला, क्षिप्रा राजावत, चांदमल सिंगारिया ने राजपूत समाज के प्रमुख पदाधिकारियों से वार्ता की और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भीड़ को नियंत्रण में रखने को कहा। भीड़ इतनी ज्यादा थी कोर्ट चौराहे से लेकर देहली गेट तक की सड़क पर लोग जमा थे। इसके चलते यह मार्ग पूरी तरह बंद रहा। प्रदर्शनकारी इतने आक्रोशित थे कि वह कलेक्ट्री के गेट पर चढ़ गए तथा नारेबाजी करने लगे।

सेवाश्रम चौराहे पर टायर जलाकर किया प्रदर्शन फिर जुलूस के रूप में निकले
राजपूत समाज के नेताओं के आह्वान पर प्रदर्शनकारी शहर के सेवाश्रम चौराहे पर एकत्रित हुए। इससे पहले समाज के पदाधिकारी सुबह नौ बजे ही वहां पहुंच गए थे। हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने गोगामेड़ी के हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी सजा दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर नारेबाजी की। जिसके चलते उदयपुर—चित्तौड़गढ़ मार्ग करीब दो घंटे तक बंद रहा। यहां से वह जुलूस के रूप में शहर की ओर निकले। हालांकि बंद के आह्वान से लगभग सभी दुकान, पेट्रोल पंप एवं अन्य प्रतिष्ठान बंद थे लेकिन जिन लोगों ने अपने प्रतिष्ठान खोल रखे थे, उन्हें जबरन बंद करा दिया। रैली के रूप में निकले प्रदर्शनकारी कुम्हारों का भट्टा, सूरजपोल, बापूबाजार, देहली गेट होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के बीच उदयपुर शहर तथा ग्रामीण से नवनिर्वाचित विधायक ताराचंद जैन तथा फूल सिंह मीणा भी पहुंचे।
बैंकों को कराया बंद, शिक्षण संस्थाएं रहे बंद
प्रदर्शनकारियों ने सभी बैंक, जिनमें सरकारी तथा गैरसरकारी बैंक शामिल हैं, सभी को जबरन बंद करा दिया। वहां काम कर रहे लोगों ने नौकरी का हवाला दिया तो उन्हें प्रदर्शनकारियों ने धमकाया, जिसके बाद वह काम बंद कर बैंक के बाहर आ गए। प्रदर्शनकारी जब तक आगे नहीं बढ़े,जब तक बैंकों को ताले नहीं लगा दिए गए। हालांकि मंगलवार को राजपूत समाज तथा अन्य संगठनों के बंद के समर्थन को लेकर घोषणा किए जाने से सरकारी और निजी स्कूल, कोचिंग सेंटरों ने अवकाश की घोषणा कर दी थी। जिसके चलते शहर के सभी शिक्षण संस्थाएं बंद रहे।
