सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल की 660 मेगावाट की इकाई 7 तथा छबड़ा थर्मल की 250 मेगावाट की इकाई 4 से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ 

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

जयपुर17 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के लम्बे समय से तकनीकी फाल्ट एवं दुर्घटना के कारण बन्द इकाइयों में से 660 मेगावाट क्षमता की सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल की इकाई सं. 7 से 14 अक्टूबर को रात्रि 8.50 बजे से तथा 250 मेगावाट क्षमता की छबड़ा थर्मल की इकाई सं. 4 से सोमवार 17 अक्टूबर को प्रातः 5.57 बजे से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो गया है।

सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल की 660 मेगावाट की इकाई 7 से उत्पादन शुरू-

राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक श्री आर. के. शर्मा ने बताया कि श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ तहसील में स्थित सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल थर्मल विद्युत गृह की 660 मेगावाट क्षमता की इकाई संख्या 7 करीब 7 माह पूर्व 13 मार्च 2022 को जनरेशन ट्रांसफार्मर के आर फेज में हुए ब्लास्ट के कारण बन्द हो गई थी। इस ब्लास्ट से खराब हुए जनरेशन ट्रांसफार्मर को भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लि. के भोपाल स्थित वर्कशॉप में भेजने के पश्चात् उत्पादन निगम की विशेषज्ञ टीम ने बी.एच.ई.एल. भोपाल में लगातार समन्वय कर 1 वर्ष के संभावित सुधार कार्य को मात्र 5 माह में पूरा करवा लिया। जनरेशन ट्रांसफार्मर को मरम्मत पश्चात् 22 सितम्बर को सूरतगढ़ सुपरक्रिटिकल में लाकर युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए मात्र 21 दिनों में स्थापित किया एवं 64 हजार लीटर ऑयल फिल्ट्रेशन कर बुधवार को जनरेशन ट्रांसफार्मर चार्ज किया गया। तत्पश्चात् इकाई के बॉयलर को लाइटअप कर सभी पैरामीटर सही पाये जाने पर शुक्रवार दिनांक 14 अक्टूबर को रात्रि 8.50 बजे इकाई को सिंक्रोनाइज कर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया है।

छबड़ा थर्मल की 250 मेगावाट की इकाई 4 से विद्युत उत्पादन शुरू-

     श्री आर. के. शर्मा ने यह भी बताया कि करीब 13 माह पूर्व 09 सितम्बर 2021 को बारां जिले के मोतीपुरा गांव में स्थित छबड़ा तापीय विद्युत परियोजना की 250 मेगावाट क्षमता की इकाई संख्या 4 की ई.एस.पी. का एक हिस्सा (पास-बी) पूरी तरह से ढह गया था तथा दूसरा हिस्सा (पास-ए) भी काफी क्षतिग्रस्त हो गया था जिससे यह इकाई बन्द हो गई थी। इकाई संख्या 4 के ई.एस.पी. के पास-ए के मरम्मत का कार्य भारत सरकार के उपक्रम मैसर्स भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लि. द्वारा पूरा करने के उपरान्त इकाई संख्या 4 से 13 महीने बाद आंशिक रूप से सोमवार से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ किया गया है। फिलहाल इसे आधी क्षमता (125 मेगावाट) के आसपास चलाया जायेगा। ई.एस.पी. पास-बी के पुर्ननिर्माण का कार्य समाप्त होने पर ही अपनी 250 मेगावाट की पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन किया जायेगा।

     सीएमडी श्री शर्मा ने लम्बे समय से फाल्ट के कारण बन्द चल रही उक्त दोनों इकाइयों में आवश्यक सुधार कार्य कर दीपावली से पहले विद्युत उत्पादन प्रारम्भ करने पर प्रसन्नता जाहिर कर सूरतगढ़ सुपरक्रिटिकल के मुख्य अभियन्ता श्री ए.के.बोहराछबड़ा थर्मल के मुख्य अभियन्ता श्री वी.के. वाजपेयीविशेषज्ञ अभियन्ताओं की टीमदोनों विद्युत गृहों के कर्मचारियों एवं बी.एच.ई.एल. के कार्मिकों को बधाई दी है।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!