उदयपुर, 19 अगस्त। नगर निकाय आम चुनाव-2026 को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने तथा कानून-व्यवस्था एवं लोकशांति बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल ने उदयपुर जिले के संबंधित नगरीय क्षेत्रों में शस्त्र धारकों एवं शस्त्र लाइसेंसधारकों को अपने हथियार जमा कराने के आदेश जारी किए हैं। आदेश 25 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के अनुसार नगर निगम उदयपुर तथा नगर पालिका फतहनगर-सनवाड़, मावली, भींडर, कानोड़ एवं वल्लभनगर के क्षेत्र में अधिवासित अथवा वर्तमान में निवासरत सभी शस्त्र धारकों एवं लाइसेंसधारकों को अपने शस्त्र संबंधित अथवा निकटतम पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी के पास तत्काल जमा कराने होंगे। यह प्रावधान उन लाइसेंसधारकों पर भी लागू होगा, जिनके शस्त्र लाइसेंस उदयपुर जिले के अलावा राजस्थान के किसी अन्य जिले अथवा देश के किसी अन्य क्षेत्र के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए हैं। जमा कराए गए हथियार चुनाव परिणाम घोषित होने के चार सप्ताह बाद संबंधित पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी से पुनः प्राप्त किए जा सकेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई लाइसेंसधारी आत्मरक्षा अथवा किसी अन्य उचित कारण से हथियार अपने पास रखना चाहता है, तो वह अभ्यर्थिता/उम्मीदवारी वापसी की अंतिम तिथि तक संबंधित थानाधिकारी के समक्ष कारण सहित आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। थानाधिकारी आवेदन दर्ज कर उसे जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर के माध्यम से जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी को भेजेंगे। कमेटी आवेदन के गुण-दोष के आधार पर निर्णय करेगी और उसी के अनुसार आदेश जारी होंगे। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक साप्ताहिक होगी।
इन पर लागू नहीं होगा आदेश
आदेश के तहत बैंक सुरक्षाकर्मी, सीमा सुरक्षा बल, अर्द्धसैनिक बल, सैनिक बल, सशस्त्र पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड तथा कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिए हथियार रखने के लिए अधिकृत राज्य एवं केंद्रीय अधिकारी-कर्मचारी इसके दायरे से बाहर रहेंगे। इसके अलावा लंबे समय से राजस्थान के बाहर रह रहे ऐसे व्यक्ति, जिनके चुनाव अवधि में लौटने की संभावना नहीं है, मंदिर, बैंक, ज्वैलरी शॉप आदि की सुरक्षा में लगे व्यक्ति तथा विभिन्न राइफल एसोसिएशन के सदस्य और प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी आदेश से मुक्त रहेंगे।
उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वाले शस्त्र धारकों एवं शस्त्र अनुज्ञापत्र धारकों के विरुद्ध आम्र्स एक्ट, 1959 एवं आयुध नियम, 2016 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश की प्रति संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस कार्यालयों तथा थानों के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक सूचना के लिए चस्पा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
