आरोपी करते थे गांजे की अवैध खेती, जिसकी सूचना पुलिस को देने को लेकर धमकी देने पर कर दी थी हत्या
उदयपुर : राजस्थान में विधानसभा चुनाव के दिन 25 नवम्बर को झाड़ोल क्षेत्र के फलासिया में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या राजनीतिक रंजिश की वजह से नहीं, बल्कि उसके रिश्तेदार सगे भाइयों ने की थी। वारदात के 9 दिन बाद पुलिस ने हत्या के आरोपी सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। जिन्होंने कबूल किया है कि वह जंगल में गांजे की अवैध खेती करते थे, जिसका पता मृतक कांतिलाल को था और उसने पुलिस को सूचना देकर दोनों को फंसाने की धमकी दी थी। जिससे वह घबरा गए तथा सुनसान जगह पर मौका पाकर उन्होंने कांतिलाल पर लाठियों से हमला कर दिया था। उसके बेहोश होकर गिरने के बाद उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए दोनों ने बड़े—बड़े पत्थरों से उसके सिर पर वार किया और भाग निकले।
फलासिया थानाधिकारी करनाराम ने बताया कि कांतिलाल चव्हाण की हत्या के मामले में उसके रिश्तेदार रूपलाल एवं उसके सगे भाई अर्जुनलाल चव्हाण को गिरफ्तार कर लिया। दोनों हत्या की वारदात करना कबूल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे सोम जैन फला के जंगल में गांजे की अवैध खेती करते थे। जिसके बारे कान्तिलाल को पता था। कांतिलाल के आए दिन फंसाने की धमकी दिए जाने से रूपलाल परेशान था। जिसके बाद रूपलाल और अर्जुनलाल दोनों कांतिलाल से बदला लेने की फिराक में थे। चुनाव के दिन 25 नवम्बर की रात कांतिलाल सोम की तरफ से रात के समय अकेला घर लौट रहा था। मौके पर फायदा उठाकर दोनों भाइयों ने कांतिलाल को घेरा तथा उस पर लाठियों से हमला कर दिया। लाठी के वारों से उसका सिर फट गया और वह जमीन पर गिर गया। संभवत: तभी उसकी मौत हो गई। किन्तु दोनों भाइयों ने उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए उसके सिर पर पत्थरों से कई हमले किए। जिसके बाद वह भाग निकले औश्र अपने मोबाइल बंद कर लिए। घटनास्थल पर मोबाइल के लोकेशन के आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी और सोमवार सुबह उन्हें सोम—सरवण के जंगल से गिरफ्तार करने में सफल् रही।
यह था पूरा मामला
25 नवंबर की रात को कांतिलाल चव्हाण की हत्या कर दी गई थी। उस दिन मतदान दिवस था। वह भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता था और झाड़ोल विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल खराड़ी के समर्थन में ज्यादा से ज्यादा वोटिंग कराने को लेकर दिन भर घरों से मतदाताओं को बूथ तक ले जा रहा था। मतदान की समाप्ति के बाद वह अपने घर लौट रहा था और घर से करीब तीन सौ मीटर पहले ही उसकी हत्या कर दी गई। जिसका शव 26 नवम्बर की सुबह नाले के पास पड़ा मिला। भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का लेकर राजनीतिक आरोप लगाए जा रहे थे। जिसकी जांच पुलिस कर रही थी। घटना के अगले दिन भाजपा के क्षेत्रीय नेता तथा झाड़ोल विधायक बाबूलाल खराड़ी, पार्टी के मंडल अध्यक्ष भोपाल सिंह सहित कई नेता मौके पर पहुंचे थे। जिसके बाद उदयपुर देहात जिला अध्यक्ष चन्द्रगुप्त चौहान और सांसद अर्जुनलाल मीणा भी मृतक के घर पहुंचे थे और उनके परिजनों को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की थी।
भाजपा कार्यकर्ता की हत्या राजनीतिक रंजिश नहीं, बल्कि रिश्तेदार सगे भाइयों ने की थी
