पिछोला व फतेहसागर में भी हो महाशीर मछली का संरक्षण
उदयपुर,8 अक्टूबर, बडी तालाब में महाशीर मछलियों के सरंक्षण के लिए राजस्थान सरकार द्वारा लिये गये निर्णय का झील प्रेमियों ने रविवारीय संवाद में स्वागत किया है।
झील संरक्षण समिति के डॉ अनिल मेहता ने कहा कि पिछोला, फतेहसागर सहित उदयपुर की सभी झीलों में महाशीर मछली थी, लेकिन प्रदूषण ने उनको लील लिया। राज्य सरकार को हर संभव प्रयास कर पिछोला, फतेहसागर को प्रदूषण मुक्त करना चाहिए ताकि महाशीर प्रजाति फिर से स्थापित हो सके।
झील विकास प्राधिकरण के पूर्व सदस्य तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि उदयपुर की पिछोला व फतह सागर झीलों में मत्स्य ठेकों पर रोक लगानी चाहिए ताकि मत्स्य विविधता रोहु, सिंगाडा, लांची, सावल इत्यादि विकसित हो सके। यह भी ध्यान रखना होगा कि खतरनाक मछली तिलपिया इन झीलों में नही आ पाए।
गांधी मानव सोसायटी के निदेशक नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि मछलियां जलीय खरपतवार को नियंत्रित कर झील के पर्यावरण तंत्र को अच्छा बनाये रखती है । मछलियाँ स्वस्थ झील की सूचक है।
झील प्रेमी कुशल रावल व द्रुपद सिंह ने कहा कि झीलों में ईंधन चालित नावों पर पूर्ण रोक लगानी होगी ताकि मछलियाँ परेशान नही हो।
मोहन सिंह चौहान व रमेश चन्द्र राजपूत ने कहा कि रेस्क्यू बोट को छोड़ सभी नावे चप्पू चलित ही होनी चाहिए। नावों की संख्या भी नियंत्रित करनी चाहिए
संवाद से पूर्व श्रमदान कर झील से कचरे व खरपतवार को हटाया गया। हिमऋषी रावल, राम बैरागी ने भी हाथ बटायां।
