मोती मगरी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति की गौरवगाथा का किया स्मरण
उदयपुर। हल्दीघाटी के अमर योद्धा एवं मेवाड़ के स्वाभिमान के प्रतीक वीर झाला मान सिंह के 450वें बलिदान दिवस पर बड़ीसादड़ी जैन मित्र मंडल, उदयपुर के तत्वावधान में मोती मगरी स्थित झाला मान स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा, पुष्पांजलि कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों एवं समाजजनों ने वीर योद्धा के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम संयोजक प्रसन्नचंद लसोड़ एवं उम्मेद सिंह कंठालिया ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता मोती मगरी स्मारक समिति के सचिव एस.के. शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जैन मित्र मंडल के निदेशक प्रकाश मेहता, मोहन सिंह मेहता एवं जीवन दक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह के स्वागत से हुई। जैन मित्र मंडल के सचिव कमलेश सामोता ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि वीर झाला मान सिंह का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को ऐसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है तथा उनके बलिदान की गाथाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना समय की मांग है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में एस.के. शर्मा ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक युद्ध में सादड़ी के वीर झाला मान सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने महाराणा प्रताप की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर इतिहास में अमर स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि झाला मान सिंह केवल एक पराक्रमी योद्धा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म, नेतृत्व और निस्वार्थ समर्पण के सर्वोच्च आदर्श थे, जिनका बलिदान आज भी देशभक्ति की प्रेरणा देता है।
संगोष्ठी के दौरान श्रीमती प्रभा मेहता ने वीर रस से ओत-प्रोत कविता प्रस्तुत कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति और गौरव की भावना से भर दिया। वहीं डॉ. प्रकाश कंठालिया ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए वीरों के इतिहास को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के लाभार्थी श्रीमती मीना एवं प्रसन्नचंद लसोड़ का उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया गया। समारोह में मित्र मंडल के सचिव कमलेश सामोता, कोषाध्यक्ष कनक मेहता, उम्मेद सिंह कंठालिया, हेमलता जारोली, मीना लसोड़ सहित बड़ी संख्या में मित्र मंडल के सदस्य, इतिहास प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन वीर झाला मान सिंह के अद्वितीय बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
राष्ट्रधर्म और स्वाभिमान के प्रतीक वीर झाला मान सिंह को श्रद्धांजलि, गरिमापूर्ण ढंग से मनाया 450वां बलिदान दिवस
