शारीरिक शिक्षक एवं हेल्थ एंबेसडर विद्यालयों के पिलर के रूप में काम करें तो बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सदा स्वस्थ रहेंगेः प्रमोद सुथार
आयुष्मान भारत के स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के अन्तर्गत ब्लॉक के 129 हेल्थ एंबेसडर ने लिया प्रशिक्षण।
फतहनगर। मावली ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आसोलियों की मादड़ी में आयुष्मान भारत के तत्वावधान में तीन दिवसीय हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के तहत हेल्थ एंबेसेडर रिफ्रेशर प्रशिक्षण आज संपन्न हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रमोद सुथार थे। विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र चोधरी,डाइट व्याख्याता लक्ष्मण दास वैष्णव,वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक रतन चास्टा व अर्जुन सिंह झाला थे। अध्यक्षता स्थानीय संस्था प्रधान जयकुंवर आशिया ने की। इस प्रशिक्षण में मावली ब्लॉक के विज्ञान व शारीरिक शिक्षको के कुल 129 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। तीन दिनों में हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के ग्यारह मॉड्यूल स्वस्थ बढ़ना, भावनात्मक कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य, पारस्परिक सम्बन्ध, मूल्य और जिम्मेदार नागरिकता, जेंडर समानता, पोषण स्वास्थ्य और स्वच्छता, पदार्थ के दुरुपयोग की रोकथाम और प्रबन्धन, स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना, प्रजनन स्वास्थ्य और एचआईवी की रोकथाम, हिंसा और चोट के खिलाफ सुरक्षा, इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना विषयों पर विभिन्न गतिविधियों, वीडियो, प्रश्नोत्तररी के माध्यम से ग्यारह मॉड्यूलस पर राज्य स्तर प्रशिक्षित दक्ष प्रशिक्षक एसआरजी दुर्गा शंकर श्रौत्रिय, निरन्जन कुमार पटवारी, मंजुषा मूलचन्दानी, संजय वैष्णव व गणेश लाल सालवी ने बारीकी से समझाया। संभागी शिक्षको ने पूर्ण सहभागिता निभाते हुए सभी मॉडल को बेहद गंभीरता से सीखते हुए आपसी चर्चा एवं प्रश्न पूछ कर अपनी पूर्ण रूप से सहभागिता निभाई और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विश्वास दिलाया कि जो तीन दिन के प्रशिक्षण में सीखा है उसका शत प्रतिशत उपयोग विद्यालय में जाकर बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए निश्चित रूप से करेंगे। समापन समारोह में संभागियों के प्रतिनिधियों द्वारा भी तीन दिवस के प्रशिक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए गए। इस गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर के प्रभारी कमलेश त्रिवेदी व राजवीर सिंह ने सभी अतिथियों का शाब्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।
मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मावली प्रमोद सुधार ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब हेल्थ एंबेसडर यहां सिखी हुई बातों को विद्यालय में लागू करेंगे तो अभिभावकों को बच्चों को डॉक्टर के पास नहीं ले जाना पड़ेगा क्योंकि वह अपने स्वास्थ्य को लेकर इतने जागरूक हो जाएंगे कि बीमार ही नहीं पड़ेंगे। शारीरिक शिक्षक एवं हेल्थ एंबेसडर विद्यालयों के पिलर के रूप में कम करें तो विभाग द्वारा आयोजित ऐसे प्रशिक्षणों का आयोजन सफल हो जाएगा और बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सदा स्वस्थ रहेंगे। साथ ही आज के इस युग में आधुनिक साधनों के प्रयोग में अपने विवेक का इस्तेमाल करेंगे।
विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मावली प्रकाश चंद्र चैधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शारीरिक शिक्षक विद्यालय का आधार स्तंभ होता है। हेल्थ एंबेसडर को प्रशिक्षण इसलिए दिया जाता है कि वह आज के परिपेक्ष में आ रही नई चुनौतियों से बच्चों को उनका सामना करना सिखाए। आज के जमाने में साइबर अपराध, मोबाइल का दुरुपयोग, मानसिक तनाव,अवसाद जैसे नए रोगों से बच्चों को बचाना है इसीलिए ऐसे रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित कर हेल्थ एंबेसडर तैयार किया जा रहे हैं और विद्यालय में भी हेल्थ मैसेंजर के रूप में बच्चों को जिम्मेदारी दी जा रही है ताकि इस आधुनिक युग की चुनौतियों का बच्चे सामना करना सीख सके। लक्ष्मण दास वैष्णव ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्कूल में बालको का स्वास्थ्य सुधार,रोगों की रोकथाम के लिए हेल्थ एंबेसडर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शारीरिक शिक्षक रतन कुमार चास्टा ने कहा कि वर्षों से शारीरिक शिक्षक एवं शिक्षक वर्ग विद्यालय के बालकों की विभिन्न समस्याओं को अपने-अपने तरीकों से सुलझाते आए हैं लेकिन आज के परिपेक्ष में जो नई समस्याएं जुड़ी है उनके लिए ऐसे रिफ्रेशर कार्यक्रम का होना बहुत ही उपयोगी है। ताकि जमाने के साथ में बदलती हुई बालकों की समस्याओं का निदान विद्यालय स्तर पर किया जा सके।
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