ड्रीम इलेवन ऐप के जरिए जीते थे दो करोड़ रुपए, पहले भी विजेताओं की राशि फर्जी तरीके से हड़प ली
उदयपुर। ड्रीम इलेवन ऐप पर दो करोड़ रुपए जीतने वाले चित्तौड़गढ़ के अनिल साहू का खाता हैक कर ठगी करने वाले को पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। जबकि इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। अनिल साहू की रकम फर्जी तरीके से खोले खाते में ट्रांसफर किए जाने से पहले ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि इससे पहले वह ड्रीम इलेवन के विजेताओं के सिम पोर्ट कर उनकी जीती राशि फर्जी तरीके से हड़प चुका है। इस काम में उनके लिए इंडिया निधि लिमिटेड मिनी बैंक के दो निदेशक मदद करते थे, जो फ्रॉड की ही रकम में से आधी राशि अपने पास रख लेते थे। पुलिस उनकी भी तलाश में जुटी है।
मिली जानकारी के अनुसार गुरुग्राम से पकड़ा गया आरोपी मथुरा—उत्तरप्रदेश जिले के गढी बरबारी गांव का लोकेश पुत्र मुकेश जाट है। जो हरियाणा के ग्नंगली पाचंकी जिला पलवल निवासी संदीप पुत्र होशियार सिंह रावत के साथ मिलकर ड्रीम इलेवन के विजेताओं की रकम हड़पने के लिए उनका खाता हैक करते थे। इसके लिए वह पहले ड्रीम इलेवन की फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर विजेता से संपर्क कर उसका केवाईसी मंगवा लेते थे तथा उनके सिम पोर्ट करा लेते थे। उसके बाद इंडिया निधि लिमिटेड मिनी बैंक के दो निदेशकों के सहयोग से फर्जी तरीके से खोले खाते में विजेताओं की रकम शिफ्ट कर देते थे। इस काम के एवज में बैंक के निदेशक पचास फीसदी पैसा खुद के पास रखते थे। जब उन्हें पता चला कि चित्तौड़गढ़ जिले के काराखेड़ी गांव के अनिल साहू से दो करोड़ रुपए जीते तो उन्होंने विजेता के मोबाइल नम्बर, जीमेल आई.डी. व ड्रीम इलेवन आईडी के जरिए विजेता के ऐप को हैक कर के उसके वॉलेट से एक करोड 37 लाख 89 हजार 800 रुपए फर्जी तरीके से खोले खाते में ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अनिल साहू को जब इसका पता चला तो उसने मामला दर्ज कराया, जिस पर एसपी दुष्यंत राजन ने साइबर थाने में मामला दर्ज कराते हुए जांच के आदेश दिए थे। बताया गया कि निल साहू का फर्जी खाता मिनी बैंक के निदेशक निरंजन वर्मा ने गुरुग्राम सेक्टर 12 की शाखा में खोला था। वह उस खाते में राशि ट्रांसफर करते, इससे पहले लोकेश जाट पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
