हंसी के ठहाकों के बीच गूंजा सड़क सुरक्षा का संदेश, कवियों ने यातायात नियमों को बनाया जनजागरण का माध्यम

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित सड़क सुरक्षा हास्य कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने लिया मनोरंजन और जागरूकता का अनूठा संगम

उदयपुर। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत उदयपुर पुलिस, आधार फाउंडेशन एवं बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अशोका ग्रीन, शोभागपुरा में सड़क सुरक्षा हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हास्य, व्यंग्य, गीत और कविताओं के माध्यम से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया गया। उपस्थित श्रोताओं ने जहां कवियों की प्रस्तुतियों पर जमकर ठहाके लगाए, वहीं सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेशों को भी गंभीरता से आत्मसात किया। इस अवसर पर अतिथि के रूप में अशोक आंजणा (उपाधीक्षक यातायात), टीना सोलंकी (यातायात निरीक्षक), हेमन्त कुमार शर्मा, मुख्य प्रबंधक, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, उदयपुर डिपो और आधार फाउंडेशन से अशोक जैन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानून ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनजागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। साहित्य और हास्य के माध्यम से दिया गया संदेश लोगों के मन-मस्तिष्क पर लंबे समय तक प्रभाव छोड़ता है।

आधार फाउंडेशन के नारायण लाल चौधरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि हम हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात संकेतों का पालन करें तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बीसीआई के संस्थापक एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का विषय है। जब जागरूकता के संदेश हास्य और कविता के माध्यम से दिए जाते हैं तो वे सीधे लोगों के दिल तक पहुंचते हैं। उन्होंने उदयपुर पुलिस और आधार फाउंडेशन का इस अभिनव आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मावली से पधारे प्रसिद्ध हास्य कवि मनोज गुर्जर ने अपनी चुटीली कविताओं, मेवाड़ी भाषा की कॉमेडी और हास्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। उन्होंने देशभक्ति पर आधारित कविता प्रस्तुत कर वातावरण को उत्साह और जोश से भर दिया। साथ ही सड़क सुरक्षा पर व्यंग्यात्मक अंदाज में बताया कि मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना, तेज गति और यातायात नियमों की अनदेखी किस प्रकार दुर्घटनाओं को आमंत्रण देती है। उनकी प्रस्तुति पर सभागार बार-बार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।

जोधपुर से पधारी अंतरराष्ट्रीय कवयित्री आयुषी राखेचा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से हास्य रस बिखेरते हुए श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। छोटे-छोटे चुटकुलों और रोचक अंदाज से उन्होंने माहौल को खुशनुमा बना दिया। यातायात नियमों को लेकर एक से बढ़कर एक हास्य प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। साथ ही उन्होंने राजस्थानी और मेवाड़ी वीरता पर आधारित वीर रस कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं में उत्साह का संचार किया। सौंदर्य एवं संवेदनशील भावों पर आधारित उनकी कविताओं ने भी दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

हास्य गीतकार लोकेश महाकाली ने अपने अनूठे अंदाज में हास्य गीतों और यातायात नियमों पर आधारित रचनाओं की प्रस्तुति दी। उनके गीतों में मनोरंजन के साथ-साथ गहरे सामाजिक संदेश भी समाहित थे। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल नियम नहीं बल्कि जीवन रक्षक कवच हैं। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को खूब आनंदित किया।

कार्यक्रम के दौरान कवियों ने एक स्वर में कहा कि सड़क पर सावधानी ही सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है। नियमों का पालन कर हम स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों के जीवन की भी रक्षा कर सकते हैं। कवियों की रचनाओं में जहां मनोरंजन का भरपूर रस था, वहीं सड़क सुरक्षा का गंभीर संदेश भी प्रभावी रूप से समाहित था।

पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। हास्य, व्यंग्य और गीतों के माध्यम से प्रस्तुत संदेशों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

आयोजकों ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।

By Udaipurviews

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