वायलिन- दिलरुबा की जुगलबंदी पर झूमे और ओडिसी पर थिरके मन
-शिल्पग्राम में ‘ऋतु वसंत’ उत्सव में सजी शास्त्रीय सांझ -गुलजार के वायलिन और उमर के दिलरुबा का छाया जादू -कविता के ओडिसी नृत्य में शिव व कामदेव के प्रसंग हुए जीवंत उदयपुर, 20 फरवरी। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से से शिल्पग्राम में चल रहे तीन दिवसीय ‘ऋतु वसंत’ उत्सव के दूसरे प्रसिद्ध वायलिन वादक गुलजार हुसैन और दिलरुबा वादक ने कर्नाटक संगीत पद्धति के राग हंस ध्वनि में जुगलबंदी कर शास्त्रीय संगीत के रसिकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। वहीं, कविता द्विवेदी एंड ग्रुप ने आेडिसी नृत्य में शिव-सती अौर कामदेव के प्रसंगों को मुक्ताकाशी मंच पर…
