मेवाड़-वागड़ के मेडिकल एवं पैरामेडिकल कॉलेजों को मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी में शिफ्ट करने का विरोध, संभागीय आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (आरयूएचएस), जयपुर से संबद्ध मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के नर्सिंग, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी, लैब टेक्नीशियन एवं अन्य पैरामेडिकल कॉलेजों को मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में आज उदयपुर संभाग के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के संचालकों, प्राचार्यों एवं शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त को अवगत कराया कि मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के हजारों विद्यार्थी वर्तमान में राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, जयपुर से संबद्ध संस्थानों में अध्ययनरत हैं। ऐसे में इन कॉलेजों को मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित करना विद्यार्थियों एवं शिक्षण संस्थानों के हित में नहीं है। वर्तमान समय में वहां ऐसी पर्याप्त शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिनसे इन पाठ्यक्रमों का सुचारू संचालन किया जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस विषय पर पूर्व में भी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने अपना विरोध दर्ज कराया था। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन देकर मेवाड़-वागड़ के कॉलेजों को आरयूएचएस, जयपुर से यथावत संबद्ध रखने की मांग की थी। विधायक श्रीचंद कृपलानी ने इस विषय को राजस्थान विधानसभा में भी उठाया था, जिसके बाद चिकित्सा मंत्री द्वारा एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का आश्वासन दिया गया।
इस समिति की अध्यक्ष उदयपुर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी को बनाया गया तथा मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी एवं राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस के कुलपतियों को भी इसमें शामिल किया गया। समिति की रिपोर्ट अभी लंबित है। इसी संदर्भ में आज शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने आयुक्त से मुलाकात कर विद्यार्थियों एवं संस्थानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने का आग्रह किया।
उदयपुर नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश राजानी ने बताया कि इस विषय को लेकर पूर्व में भी मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार इस प्रकार की चर्चाओं एवं प्रस्तावों से हजारों विद्यार्थियों के मन में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अनिश्चितता का वातावरण बन रहा है।
हरीश राजानी ने संभागीय आयुक्त से आग्रह किया कि वे मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री को ऐसी रिपोर्ट भेजें जो विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों तथा मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हो। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं एवं सभी पहलुओं की गहन समीक्षा के यदि इन संस्थानों को मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित किया जाता है तो इससे हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
राजानी ने कहा कि मेवाड़-वागड़ क्षेत्र लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता आया है। जिस प्रकार उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर वर्षों से क्षेत्र के लोग आंदोलन कर रहे हैं और छोटी-छोटी न्यायिक आवश्यकताओं के लिए जोधपुर जाना पड़ता है, उसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में भी मेवाड़-वागड़ की आवश्यकताओं और क्षेत्रीय हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मेवाड़-वागड़ के समस्त नर्सिंग, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी, लैब टेक्नीशियन एवं अन्य पैरामेडिकल शिक्षण संस्थानों के संचालकों, प्राचार्यों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की एक स्वर में मांग है कि इन संस्थानों को पूर्ववत राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, जयपुर से ही संबद्ध रखा जाए। इससे विद्यार्थियों की शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था एवं शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रहेगा तथा क्षेत्र के हजारों परिवारों की भावनाओं का सम्मान भी होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार एवं गठित समिति विद्यार्थियों और मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी तथा राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, जयपुर से वर्तमान संबद्धता को यथावत बनाए रखेगी।

By Udaipurviews

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