निजी क्षेत्र की क्षिप्रा लैब पर छापा, बरामद सरकारी दवाइयां

सिटी स्कैन लैब सील, हाथीपोल थाने में मामला दर्ज कराया
उदयपुर, 27 जुलाई । चिकित्सा विभाग ने गुरुवार शाम जिला कलक्टर बंगला के सामने निजी संस्थान क्षिप्रा लैब पर छापा मारकर सिटी स्कैन में उपयोग होने वाली सरकारी दवाइयां बरामद कीं। विभाग ने लैब का सिटी स्कैन लैब सील करने के साथ हाथीपोल थाने में मामला दर्ज कराया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शंकर एच. बामनिया ने बताया कि क्षिप्रा लैब पर सरकारी दवाओं के उपयोग की जानकारी मिली थी। जिस पर कार्रवाई के लिए उन्होंने स्वास्थ्य भवन से टीम को भेजा। जिसमें उनके निर्देशन में औषधि नियंत्रक नेहा बंसल, कुलदीप सिंह यदुवंशी, डॉ. मोहन धाकड़, डॉ. अंकित जैन, राजेन्द्र सोलंकी शामिल थे।
डॉ. बामनिया ने बताया कि कार्यवाही के समय कंसल्टेंट डॉ. भरत जैन एम डी रेडियोलॉजिस्ट से सम्पर्क करने पर रवि हेल्पर ने स्टोर का निरीक्षण करवाया। जांच टीम द्वारा जब सिटी स्कैन रूम खुलवाया गया तो वहां फर्नीचर की दराजों में सरकारी दवाइयां प्राप्त हुई। साथ ही वेस्ट के दो पैकेट में खाली सरकारी इंजेक्शन वाइल प्राप्त हुई, जो सिटी स्कैन के लिए मरीजों को दी जाती है। 296 खाली वाइल पर सरकारी छाप लगी हुई पायी गई। लैब के सहायक कर्मचारी रवि ने स्वीकार किया कि Iohexol इंजेक्शन की 50 एमएल की वाइल मरीजों को लगाई जाती है। ये दवाइयां कहां से प्राप्त होती है इसके बारे में उसने अनभिज्ञता जाहिर की। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की छापा टीम ने क्लीनिक स्टेब्लिशमेंट, बायोवेस्ट मैनेजमेंट और अन्य दस्तावेज मांगे, जो लैब संचालकों ने उपलब्ध नहीं कराए। डॉ. शंकर बामनिया का कहना है कि सरकारी दवाओं का निजी लैब द्वारा दुरुपयोग करना कानूनन जुल्म है। इसकी सूचना हाथीपोल थाने में दर्ज करवाई गयी हैं। क्षिप्रा लेब के व्यवस्थापक और मालिक के उपस्थित नहीं होने पर वहां मौजूद स्टाफ से पूछताछ की गई। उनके संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर सिटी स्कैन लेब को सील कर दिया गया।

By Udaipurviews

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