– सोशल मीडिया को धर्म और संस्कारों की प्रभावना का माध्यम बनाएं : मुनि आदित्य सागर महाराज
– लेकसिटी में तीन दिवसीय जैन आइकॉन अवॉर्ड 2026 का भव्य शुभारंभ
– देशभर से जुटे जिन धर्म प्रभावक, इन्फ्लुएंसर्स एवं कंटेंट क्रिएटर्स
– 60 से अधिक प्रतिभाओं को जैन आइकॉन अवॉर्ड, 16 अगस्त को पांच नि:स्वार्थ सेवाधर्मियों को जैन आइडल अवॉर्ड
उदयपुर, 14 अगस्त। धर्म एवं झीलों की नगरी उदयपुर में डिजिटल युग में जिनशासन की प्रभावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले जैन प्रतिभाओं एवं व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जैन आइकॉन अवॉर्ड 2026 के तीन दिवसीय आयोजन का भव्य शुभारंभ हुआ। विशुद्धकुल तिलक, श्रुतसंवेगी महाश्रमण मुनि श्री 108 आदित्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित उद्घाटन समारोह में देशभर से जैन धर्म प्रभावक, इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उदयपुर पहुंचे। मेवाड़ी परंपरा के अनुसार अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत-सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक आकाश जैन एवं संयोजक सुधीर चित्तौड़ा ने बताया कि उद्घाटन समारोह में शहर विधायक ताराचंद जैन, समाजसेवी दिनेश खोड़निया, सकल जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत, सकल दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष शांतिलाल वेलावत, चातुर्मास समिति अध्यक्ष अशोक शाह, आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर-11 के अध्यक्ष पारस चित्तौड़ा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि आदित्य सागर महाराज ने कहा कि आधुनिक दौर में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म धर्म एवं संस्कृति की प्रभावना के सशक्त माध्यम बन चुके हैं। युवाओं और समाज तक जैन धर्म के सिद्धांतों, अहिंसा, संयम एवं संस्कारों को सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स का योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग यदि सकारात्मक सोच और धर्म प्रभावना के लिए किया जाए तो यह समाज में व्यापक परिवर्तन ला सकता है। आज की युवा पीढ़ी डिजिटल माध्यमों से सबसे अधिक जुड़ी हुई है। ऐसे में जैन धर्म के सिद्धांतों, भगवान महावीर के संदेश, अहिंसा, संयम, अपरिग्रह और जीवन मूल्यों को आधुनिक भाषा एवं रचनात्मक माध्यमों से युवाओं तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। मुनिश्री ने कहा कि सोशल मीडिया को केवल मनोरंजन का माध्यम न बनाकर धर्म, संस्कार एवं सकारात्मक विचारों के प्रसार का माध्यम बनाया जाना चाहिए। जैन धर्म की प्राचीन परंपरा और जीवन मूल्यों को डिजिटल माध्यम से विश्व भर तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है।
– 60 से अधिक इन्फ्लुएंसर्स का मेवाड़ी परंपरा से स्वागत
कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे जैन इन्फ्लुएंसर्स एवं कंटेंट क्रिएटर्स का मेवाड़ी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। देशभर से आए 60 से अधिक इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को मेवाड़ी पगड़ी, उपरणा एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। डिजिटल माध्यमों से जैन धर्म, संस्कृति, इतिहास, तीर्थ, संतों के संदेश एवं जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने वाले प्रभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने जैन धर्म की शिक्षाओं और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग का संकल्प व्यक्त किया।
बालिकाओं ने नवकार महामंत्र की महिमा पर आधारित मंगलाचरण नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को भक्तिमय बना दिया। मुख्य संयोजक आकाश जैन ने तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जैन आइकॉन अवॉर्ड की संकल्पना, उद्देश्य एवं सम्मान की प्रक्रिया की जानकारी दी।
– सोशल मीडिया पर कंटेंट निर्माण की दी जानकारी
राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मोटिवेटर सिमरन जैन एवं नमन पचौरी ने सोशल मीडिया के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कंटेंट क्रिएशन, फॉलोअर्स से जुड़ाव, सकारात्मक एवं प्रभावी सामग्री तैयार करने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंच बनाने के बारे में प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन स्वरऋषि अनुराग जैन ने किया।
– 16 अगस्त को पांच नि:स्वार्थ सेवाधर्मियों को मिलेगा जैन आइडल अवॉर्ड
संयोजक सुधीर चित्तौड़ा ने बताया कि जैन आइकॉन अवॉर्ड 2026 के तहत 60 से अधिक जिनधर्म प्रभावकों को सम्मानित किया जा रहा है। वहीं पहली बार जैन आइडल अवॉर्ड की शुरुआत की गई है। यह सम्मान ऐसे व्यक्तित्वों को दिया जाएगा, जिन्होंने बिना नाम, प्रसिद्धि अथवा व्यक्तिगत स्वार्थ की अपेक्षा के जिनशासन, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य, विरासत संरक्षण एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। मुख्य संयोजक आकाश जैन ने बताया कि 16 अगस्त को जैन आइडल अवॉर्ड से इतिहासकार एवं पुरातत्वविद् डॉ. रमेश कुमार, लेखक एवं स्वतंत्र इतिहासकार संजय सोनावनी (पुणे), जैन इतिहास शोधकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मनीष जैन (उदयपुर), इतिहास एवं विरासत शोधकर्ता डॉ. दास कॉर्नेल (जयपुर) तथा सामाजिक कार्यकर्ता सालेकचंद जैन (बड़ौत) को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैन आइकॉन अवॉर्ड केवल पुरस्कार समारोह नहीं, बल्कि डिजिटल युग में जिनशासन की प्रभावना को व्यापक स्तर तक पहुंचाने वाले युवाओं एवं रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की पहल है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म नई पीढ़ी तक पहुंचने का प्रभावी माध्यम हैं और जैन धर्म, दर्शन, संस्कृति, इतिहास एवं विरासत से जुड़ी सकारात्मक सामग्री के प्रसार में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
– साहित्य, समाज और युवा जगत की प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
समारोह में प्रख्यात साहित्यकार, कवि एवं पत्रकार तथा ‘भारत नामा’ के लेखक डॉ. प्रभाकिरण जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ऋषि जैन, तनिषा भंसाली, नमन पचौरी, रिया कंठालिया एवं सिमरन जैन विशेष अतिथि रहे। तमिलनाडु के जैन युवा नेता नेमिराज ने विशेष अतिथि वक्ता के रूप में सहभागिता की। तीन दिवसीय आयोजन की मेजबानी स्वरऋषि अनुराग जैन कर रहे हैं। स्थानीय संयोजक सुधीर जैन ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य जैन युवाओं को आधुनिक एवं रचनात्मक माध्यमों के जरिए जिनशासन की प्रभावना के लिए प्रेरित करना तथा समाज एवं धर्म के लिए नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को पहचान और सम्मान देना है। जैन आइकॉन अवॉर्ड 2026 के मुख्य प्रायोजक आदित्य माइंस, कोटा हैं। आयोजन को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन चैरिटेबल ट्रस्ट एवं विशुद्ध ज्ञान वर्षायोग समिति 2026 का सहयोग प्राप्त है, जबकि अपना जैनिज्म मीडिया पार्टनर है। तीन दिवसीय आयोजन के आगामी सत्रों में सम्मान समारोह, संवाद एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जैन समाज की डिजिटल प्रभावना और युवा सहभागिता को केंद्र में रखा जाएगा।
युवाओं तक जैन धर्म के सिद्धांत पहुंचाने में कंटेंट क्रिएटर्स की अहम भूमिका : मुनि आदित्य सागर महाराज
