उदयपुर। श्री दिगंबर जैन बीसा नरसिंहपुरा समाज (बीस पंथ आमनाय), उदयपुर के तत्वावधान में पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के उपलक्ष्य में तपस्वी-सम्मान समारोह 2026 का आज नरसिंहपुरा नोहरा में भव्य आयोजन किया गया। समारोह में पर्युषण महापर्व के दौरान कठिन उपवास व तप-साधना करने वाले समाज के सभी 20 तपस्वियों का तिलक, माला, दुपट्टा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर बहुमान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उदयपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी एवं विशिष्ट अतिथि भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ रहे। समाज अध्यक्ष ऋषभ जसिंगोत, महामंत्री अनिल मेहता एवं कोषाध्यक्ष अजित मानावत सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने अतिथियों का शॉल, दुपट्टा व प्रतीक चिह्न भेंट कर नागरिक अभिनंदन एवं स्वागत किया।
अतिथियों ने सराहा तपस्वियों का आत्मबल-समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि जैन दर्शन में तप, त्याग और संयम का सर्वाेच्च स्थान है। आज के भौतिकवादी दौर में युवाओं और मातृशक्ति द्वारा ऐसी कठिन साधना करना प्रशंसनीय और समाज के लिए प्रेरणादायी है। तप से केवल आत्म-शुद्धि ही नहीं होती, बल्कि पूरे नगर और समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।
विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि जैन संस्कृति त्याग और आत्मसंयम की अनुपम मिसाल है। तपस्वी कठिन साधना के माध्यम से अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करते हैं। तपस्वियों का अभिनंदन करना धर्म और समाज की अटूट आस्था का सम्मान है। ऐसे आयोजनों से समाज में संगठन की भावना सुदृढ़ होती है।
ये तपस्वी हुए सम्मानित-16 उपवास करने वाले तपस्वी प्रिया सलावत एवं मयंक भोरावत, 10 उपवास करने वाले तपस्वी शंकर देवी गामड़िया, डॉ. रीना मेहता, सुदर्शन कुणावत, अपूर्णा भोरावत, मीनल वरदावत, आयुष्मान सिपरीया,,वंदना नावडिया, शशि रटोड़िया एवं विजय मेहता,
5 उपवास करने वाले तपस्वी अरविंद एवं रेखा भोरावत, आशा नावाडिया, प्रथम कुणावत, सूरज कुणावत,कविश नाथुत,सुश्री परी दामावत, दिव्यांशी भोरावत, प्रीति लोलावत एवं हार्दवी मेहता को सम्मानित किया गया। समारोह में समाज के अध्यक्ष ऋषभ जसिंगोत, महामंत्री अनिल मेहता, कोषाध्यक्ष अजित मानावत,लक्ष्मीलाल,शेखर कुणावत,राजेश गामड़िया,विमल नाथूत, कमलेश लोलावत,विनीता हिंसावत, सहित समाज कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी व बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिल मेहता ने किया।
तप और साधना से आत्म-कल्याण संभव: पारस सिंघवी, 20 तपस्वियों का सम्मान
