उदयपुर। सांसद मन्नालाल रावत ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाए जाने को लेकर सोमवार को संसद में मांग रखी।
नियम 377 के अधीन सूचना के तहत सांसद डॉ रावत ने संसद में कहा कि स्वाधीनता आंदोलन के दौरान बीसवीं सदी के आरंभ में संत गोविंद गुरु जी के नेतृत्व में राजस्थान, गुजरात व म.प्र के भीलों ने मानगढ़ धाम आन्दोलन किया। सन् 1913 में अंग्रेजों द्वारा तोपों एवं गोलियों से भूनकर 1507 सनातनी भील भक्तों को भून डाला तथा गोविंद गुरु जी को गिरफ्तार कर आजीवन कारावास दिया गया। इस आंदोलन में भारत के स्व के संपूर्ण राष्ट्रवादी तत्व एवं हमारी ज्ञान परम्परा की युग सेवा के मौलिक तत्व रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा की शहादत के 13 वर्ष उपरांत हुए इस क्रांति के शहादत स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आए हैं एवं यहां राष्ट्रीय स्मारक बनाने के भाव व्यक्त किए हैं। सांसद डॉ रावत ने आजादी के अमृत कालखंड में महाराष्ट्र सहित चार राज्यों के आदिवासियों के सामाजिक समरसता पूर्ण बलिदान को चिरस्थायी करने के लिए मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाए जाने का आग्रह किया।
सांसद मन्नालाल रावत ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग संसद में रखी
