देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजना
21 जुलाई को होगी भूखण्ड आवंटन लाॅटरी
उदयपुर, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल देवास तृतीय एवं चतुर्थ बांध तथा सुरंग परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन की कार्यवाही तेजी से चल रही है। इसी क्रम में बुधवार को ग्राम नाल एवं ग्राम पंचायत अम्बाबा में बैठकों का आयोजन किया गया।
ग्राम नाल में आयोजित बैठक में उपखण्ड अधिकारी एवं प्रशासक, देवास बांध एवं सुरंग परियोजना पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन, गोगुंदा जगदीश आशिया, अधिशासी अभियंता, मोहनलाल सुखाड़िया देवास जल अपवर्तन खण्ड, उदयपुर बीरबल डूडी सहित सहायक अभियंता, जनप्रतिनिधिगण एवं प्रभावित ग्रामवासी उपस्थित रहे।
बैठक में उपखण्ड अधिकारी ने अवगत कराया कि पुनर्वास हेतु भूखंडों का आवंटन कम्प्यूटर आधारित लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। साथ ही पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन योजना के अंतर्गत प्रभावित परिवारों को पेयजल, सड़क, नाली, विद्युत, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं शासन के नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रभावित ग्रामीणों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। ग्रामीणों द्वारा सुझाव दिया गया कि समान गोत्र के प्रभावित परिवारों को यथासंभव निकटवर्ती भूखंड आवंटित किए जाएं, जिससे सामाजिक समरसता बनी रहे तथा भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। उक्त सुझाव पर उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत अम्बाबा में भी उपखण्ड अधिकारी एवं प्रशासक, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, सरपंच, जनप्रतिनिधियों एवं प्रभावित ग्रामीणों की उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन योजना, भूखंड आवंटन की प्रक्रिया तथा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित ग्रामीणों द्वारा भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए गए।
भूखण्ड आवंटन लाॅटरी 21 जुलाई को
बैठकों में प्राप्त सुझावों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों तथा प्रभावित ग्रामीणों की सहमति के आधार पर भूखंड आवंटन हेतु कम्प्यूटर आधारित लॉटरी का आयोजन दिनांक 21 जुलाई, 2026 को किए जाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। प्रशासन द्वारा आश्वस्त किया गया कि पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन तथा भूखंड आवंटन की समस्त कार्यवाही शासन के प्रावधानों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं प्रभावित परिवारों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए संपादित की जाएगी।
