उदयपुर, 18 जून। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर राजपूत महासभा संस्थान, उदयपुर संभाग के पदाधिकारियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप और जयघोष के साथ वाहन रैली निकाल मोती मगरी स्थित महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
संस्थान महासचिव प्रदीप सिंह भाटी ने बताया कि संस्थान के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एक सी वेशभूषा में प्रातः राजपूत भवन एकत्रित हुए जहां से वाहन रैली के रूप में टाउन हॉल पहुंच मुख्य शोभायात्रा में सम्मिलित हुए। यहां से सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी मोती मगरी पहुंच पुष्प अर्पित कर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। यहां से सभी कार्यकर्ता पुनः राजपूत भवन पहुंचे जहां आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए संस्थान के अध्यक्ष संत सिंह भाटी ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनका त्याग, तपस्या, स्वाभिमान और बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन और शौर्यगाथा से अवगत कराना हम सभी का दायित्व है, ताकि युवा राष्ट्रहित और स्वाभिमान के मूल्यों को आत्मसात कर सकें। महासचिव प्रदीप सिंह भाटी ने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। घास की रोटियां खाकर जीवन यापन करना स्वीकार किया, लेकिन मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की। उनका जीवन संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान का अद्वितीय उदाहरण है।
सचिव हितेंद्र राठौड़ ने बताया कि संस्थान द्वारा सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रहित के कार्यक्रमों में सदैव सक्रिय भूमिका निभाता आया है और आगे भी निभाएगा। महाराणा प्रताप हम सभी के प्रेरणास्रोत हैं और उनकी जयंती मनाना गौरव एवं सम्मान का विषय है। ऐसे आयोजनों से समाज में एकता, संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम में संगठन सचिव लोकराज सिंह चौहान, उप संगठन सचिव प्रभात सिंह राठौड़, संगठन संभाग महामंत्री राज प्रताप सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष शेर सिंह राठौड़ सहित संस्थान के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, युवा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।
राजपूत महासभा संस्थान ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर निकाली वाहन रैली, मोती मगरी पर महाराणा प्रताप को किया नमन
