उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपने प्रमाणित एलॉय पोर्टफोलियो को और मजबूत किया है। कंपनी के हिंदुस्तान जिंक डाई-कास्टिंग एलॉय 5 को अब भारतीय मानक ब्यूरो प्रमाणन के दायरे में शामिल कर लिया गया है। यह प्रमाणन एचजेडडीए 5 की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और बेहतर प्रदर्शन को मान्यता देता है तथा ग्राहकों को उत्पाद की निरंतर गुणवत्ता का भरोसा प्रदान करता है। बीआईएस भारत का राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन है, जो यह सुनिश्चित करता है कि कोई उत्पाद तय गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों को पूरा करता है। औद्योगिक ग्राहकों के लिए यह प्रमाणन उत्पाद की विश्वसनीयता और गुणवत्ता नियंत्रण की अतिरिक्त गारंटी प्रदान करता है। हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा कि एचजेडडीए 5 को बीआईएस प्रमाणन के दायरे में शामिल किया जाना हमारे प्रमाणित उत्पाद पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारे लिए प्रमाणन केवल मानकों का पालन करना नहीं, बल्कि ग्राहकों को भरोसेमंद गुणवत्ता और दीर्घकालिक मूल्य देने का वादा है। जैसे-जैसे उद्योग उच्च प्रदर्शन और जिम्मेदारीपूर्वक निर्मित धातुओं की ओर बढ़ रहे हैं, हिंदुस्तान जिंक विश्वसनीय उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। एचजेडडीए 3 और एचजेडडीए 5 को उन अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया है, जहां मजबूती, सटीकता, टिकाऊपन और बेहतर प्रदर्शन आवश्यक होते हैं। इन जिंक डाई-कास्टिंग एलॉय का उपयोग ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है, जहां सामग्री की गुणवत्ता अंतिम उत्पाद के प्रदर्शन को सीधे प्रभावित करती है। यह प्रमाणन ऐसे समय में मिला है जब ग्राहक खरीद निर्णयों में प्रमाणित उत्पादों, विश्वसनीय आपूर्ति और जिम्मेदार स्रोतों को प्राथमिकता दे रहे हैं। अब एचजेडडीए 3 और एजजेडडीए 5 दोनों बीआईएस प्रमाणित होने के साथ, हिंदुस्तान जिंक ग्राहकों को प्रमाणित जिंक एलॉय का व्यापक विकल्प उपलब्ध करा रहा है। इससे कंपनी की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उच्च गुणवत्ता और जिम्मेदारीपूर्वक निर्मित जिंक एलॉय उत्पादों की विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थिति और मजबूत हुई है।
हिंदुस्तान जिंक ने एचजेडडीए 5 को बीआईएस प्रमाणन के दायरे में किया शामिल किया
