डूंगरपुर : हर कॉलेज में पहुंचेगा संदेश- रैगिंग है अपराध, प्रशासन है आपके साथ

जिला स्तरीय एंटी रैगिंग कमेटी की प्रथम बैठक आयोजित
एसबीपी कॉलेज प्रिंसिपल को डाटा बेस तैयार करने के निर्देश
डूंगरपुर, 30 मई। यूजीसी एक्ट के तहत गठित जिला स्तरीय एंटी रैगिंग कमेटी की प्रथम बैठक गुरुवार को जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह की अध्यक्षता मंे आयोजित हुई। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा संस्थानांे में रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति सचिव अतिरिक्त जिला कलक्टर कुलराज मीणा ने समिति के गठन के उद्देश्य और आगामी कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। जिला कलक्टर सिंह ने जिले में रैगिंग की पूर्व में घटित घटनाओं की जानकारी लेते हुए एंटी रैगिंग समिति के महत्व, सामाजिक और शैक्षणिक दुष्प्रभाव के साथ ही इसके आपराधिक कृत्य और दण्ड विधान पर चर्चा की। उन्होंने जिला युवा अधिकारी प्रदीप कुमार मीणा को राजकीय मेडिकल कॉलेज में जाकर रैगिंग के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए फ्रेशर्स में कॉन्फिडेंस बिल्डिंग और सीनियर्स को रैगिंग के आपराधिक प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि जिले के सभी कॉलेजों में चाहे निजी हो या राजकीय, आईटीआई आदि उच्च शिक्षा संस्थानांे में हेल्पलाइन स्थापित करने और ऐसा माहौल तैयार करने के निर्देश दिए कि रैगिंग की घटनाओं को लेकर स्टूडेंट अपनी आवाज उठा सके। स्टूडेंट्स तक यह मैसेज पहुंचना चाहिए कि रैगिंग एक अपराध है और इसे सहने की जरूरत नहीं है, प्रशासन आपके साथ है।
वहीं, एसबीपी कॉलेज प्राचार्य गणेश ननोमा को जिले के सभी राजकीय और निजी कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। एसबीपी कॉलेज छात्र संगठन के प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन चारण, थानाधिकारी पुलिस थाना कोतवाली भगवानलाल, कोतवाली, पत्रकार जयेश पंवार, एनजीओ प्रतिनिधि हरिश चंदेरिया उपस्थित रहे।

By Udaipurviews

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