सैकड़़ों कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, सात दिवसीय भागवत कथा प्रारम्भ
उदयपुर। श्री तैलिक साहू समाज छः बैठक, उदयपुर द्वारा तीज का चैक स्थित माहेश्वरी सदन में आज से प्रारम्भ हुई सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के प्रथम दिवस कथा वाचक परम पूज्य 1008 श्री अनंतराम शास्त्री महाराज ने भागवत महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि “श्रीमद् भागवत कथा सुन लेने के बाद जीवन का उद्धार निश्चित हो जाता है। मनुष्य अपनी ओर से कुछ भी करने की चिंता न करें, केवल श्रद्धा से कथा सुनने आ जाए, उसके बाद जो करना है वह भगवान स्वयं करेंगे।”
महाराज ने कहा कि गृहस्थ जीवन स्वयं में एक तपस्या है। परिवार, समाज और जिम्मेदारियों के बीच व्यक्ति निरंतर तप करता रहता है। ऐसे में भगवान की कथा उसे मानसिक शांति, आध्यात्मिक शक्ति और जीवन का सही मार्ग प्रदान करती है।
कथा के दौरान उन्होंने नारद जी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि एक बार नारद जी के मन में पृथ्वी लोक पर भ्रमण करने का भाव उत्पन्न हुआ। इस प्रसंग के माध्यम से महाराज ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से अनेक जन्मों के पुण्यों के समान फल प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि “इस संपूर्ण ब्रह्मांड में श्रीमद् भागवत से श्रेष्ठ कोई पुराण नहीं है। इसकी महिमा इतनी महान है कि अनेक श्रेष्ठ ऋषि-मुनि भी इसका श्रवण करने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए। कथा के दौरान महाराज ने जब “श्रीमद नारायण… श्रीमद नारायण…” तथा “राधे-राधे” भजनों का गायन किया तो कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। महिलाओं ने हाथ उठाकर भजनों पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया और पूरा वातावरण भक्ति एवं उल्लास से सराबोर हो उठा।
भागवत कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर धर्म, भक्ति एवं अध्यात्म का लाभ प्राप्त किया। कथा स्थल पर पूरे समय श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
समाज के अध्यक्ष एडवोकेट हेमेन्द्र पण्डियार ने बताया कि इससे पूर्व सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ कथा का शुभारम्भ हुआ। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में समाज की मातृशक्ति और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समाज के महामंत्री कन्हैयालाल नैनावा ने बताया कि प्रातः 11 बजे देहली गेट स्थित हनुमान मंदिर से समाज की सैकड़ों महिलाओं एवं बहनों ने पीली साड़ी पहन कर सैकड़ों कलशों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा तीज का चैक, तेल बाजार, हनुमान चैक और धानमंडी मार्ग से होते हुए माहेश्वरी सेवा सदन पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर एवं मालाएं पहनाकर श्रीमद् भागवत जी का भावपूर्ण स्वागत किया।
कथा स्थल पर अध्यक्ष हेमेंद्र पंडियार, भरत पचलोडिया, जगदीश पडियार, चन्द्रशेखर दशोरा, कपिल दया एवं मिठालाल नैनावा सहित समाज के पदाधिकारियों ने बड़ी सादड़ी स्थित दिव्य रामद्वारा से पधारे परम पूज्य गुरुदेव 1008 श्री अनंत राम शास्त्री जी महाराज का पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया।
कन्हैयालाल नैनावा ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 8 जून से 14 जून तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक माहेश्वरी सेवा सदन, तीज का चैक में होगा। कल मंगलवार को महिलायें लाल व़स पहन कर कथा श्रवण करेगी।
भागवत सुनने आ जाओ, उद्धार की चिंता भगवान पर छोड़ दो”-अनंतराम शास्त्री महाराज के प्रेरक संदेश से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
