उदयपुर, 3 जुलाई। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई तक मनाए जा रहे सहकार सप्ताह के तहत शुक्रवार को उदयपुर जिले में विभिन्न स्थानों पर ‘सहकार संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को सहकारिता की अवधारणा, उसके सामाजिक-आर्थिक महत्व तथा विकसित भारत के निर्माण में उसकी भूमिका से अवगत कराया गया।
मुख्य कार्यक्रम सुखाड़िया विश्वविद्यालय के एमबीए कॉलेज एवं पर्यटन संकाय में आयोजित हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. कैलाश डागा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही साकार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन और कार्यक्षेत्र में सहकारिता को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग उदयपुर के उप रजिस्ट्रार लोकेश जोशी ने सहकारी अर्थव्यवस्था एवं विकसित भारत के निर्माण में सहकारिता के योगदान विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सहकारी संस्थाओं की भूमिका, उनकी कार्यप्रणाली तथा ग्रामीण एवं शहरी विकास में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे।
इसी क्रम में जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में भी सहकार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों के लिए सहकारिता विषय पर निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इसवाल राजकीय विद्यालय में सहायक रजिस्ट्रार अलका भारद्वाज, रेखाबियों की ढाणी राजकीय विद्यालय में अतिरिक्त अधिशासी अधिकारी तनुजा वर्मा एवं निरीक्षक नरेन्द्र देवल, तथा खुमाणपुरा राजकीय विद्यालय में निरीक्षक लाजवंती, पुष्पा मेघवाल और बैंक मैनेजर रूपेश मेहरा की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को सहकारिता आंदोलन के मूल सिद्धांतों, उसकी उपयोगिता तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका की जानकारी दी।
