‘‘कंटेंपरेरी इश्यूज इन अकाउंटिंग एंड टैक्सेशन’’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का हुआ आगाज
उदयपुर 27 फरवरी / भारतीय लेखा परिषद उदयपुर शाखा एवं जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संयुक्त तत्वाधान में कंटेंपरेरी इश्यूज़ इन अकाउंटिंग एंड टैक्सेशन विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का शुभारंभ सोमवार को प्रतापनगर स्थित आईटी सभागार में हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि राजस्थान पत्रिका के मुख्य संपादक डॉ संदीप पुरोहित, मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के प्रो. अनिल कुमार, गेस्ट ऑफ ऑनर प्रो. जसराज बोहरा, अध्यक्ष भारतीय लेखांकन परिषद्, चीफ पैट्रन प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, कुलपति जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ, कांफ्रेंस डायरेक्टर प्रो. शूरवीर सिंह भाणावत एवं कांफ्रेंस सेक्रेटरी डॉ. शिल्पा लोढ़ा थे। प्रो. भाणावत, कांफ्रेंस डायरेक्टर ने सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया कराधान नीतियों और लेखांकन नीतियों पर मंथन किए जाने के महत्व को बताया। डॉ. शिल्पा लोढ़ा ने सम्मेलन के प्रारूप के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें उन्होंने पूर्व में हो चुकी प्री कांफ्रेंस वर्कशॉप तथा सात दिवसीय रिसर्च वर्कशॉप के बारे में बताया। मुख्य उद्बोधन में प्रो. अनिल कुमार ने मेक इन इंडिया, फॉरेंसिक अकाउंटिंग व अंकेक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा हेतु एन.एफ.आर.ए. को संगठित रूप में कार्य करने पर बल दिया। भारतीय लेखांकन परिषद् के अध्यक्ष प्रो. जसराज बोहरा ने ब्रांड लेखांकन सामाजिक उत्तरदायित्व हेतु लेखांकन एवं क्लाउड आधारित लेखांकन पर शोध कार्य की आवश्यकता को बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ. संदीप पुरोहित ने कराधान संरचना एवं जीएसटी संरचना को आसान बनाने व उद्योगपतियों के बजाय आम आदमी के लिए व्यवसाय को आसान बनाने पर जोर दिया। अध्यक्ष प्रो. सारंगदेवोत ने समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाली लेखांकन की आवश्यकता व समकालीन मुद्दों पर चर्चा की। उद्घाटन सत्र के अंत में प्रो. के.के. दवे ने समस्त अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ पारस जैन, एसोसिएट प्रोफेसर, राजस्थान विद्यापीठ ने किया। इसके पश्चात प्रथम तकनीकी सत्र का आरंभ हुआ, जिसके अध्यक्ष प्रो. एल. एन. कोली एवं उपाध्यक्ष प्रो. दवे थे व मुख्य वक्ता प्रो. जी सोरल थे, जिन्होंने चैट जीपीटी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का शिक्षा में महत्व पर उद्बोधन दिया। टेक्निकल सेशन में 16 लेखांकन एवं कराधान विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए गए एवं 30 से अधिक प्रतिभागी मौजूद रहे।
इनका किया सम्मान:-
समारेाह में भारतीय लेखांकन परिषद् एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पूर्व कुलपति प्रो. बीपी भटनागर, डॉ. मदनलाल वौर्ष्णेय, प्रो. एन. के. पण्ड्या, डॉ. एस.एच. जून, डा. नरेन्द्र कुमार धींग, प्रो. बीएल हेडा, डॉ. प्रहलाद राय सोमानी, डॉ. शंकर लाल मेनारिया का माला, उपरणा, पगडी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया।
