देवेंद्र धाम में आज गुरु पुष्कर जयंती सप्ताह के अंतर्गत आज द्वितीय दिवस सामायिक दिवस
-संसार धोखे की खान, मात्र आमोद-प्रमोद नहीं बल्कि तप, जप और परोपकार से जीवन बनाएं सार्थकःडॉ. सुरेन्द्र मुनि उदयपुर। महावीर समवशरण में धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रवर्तक डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने संसार के स्वरूप की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि संसरति इति संसारःअर्थात जहाँ जीव का आवागमन एक गति से दूसरी गति (मानव, देव, तिर्यंच और नरक) में निरंतर बना रहता है और जीवात्मा एक स्थान पर स्थिर नहीं रह पाती, वही संसार है। जिस प्रकार एक माली पौधे को इधर से उधर लगाता और निकालता रहता है, उसी प्रकार कर्मों के प्रभाव से जीव विभिन्न गतियों में भटकता…
