भारतीय ज्ञान परंपरा और एआई का समन्वय ही भविष्य की शिक्षा का आधार – प्रो. सारंगदेवोत
उदयपुर, 22 मई। भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के राष्ट्र निर्माण की सशक्त आधारशिला है। नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक के समन्वय को शिक्षा व्यवस्था में पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है। भारतीय ज्ञान परंपरा जीवन, संस्कृति और राष्ट्र चेतना का आधार रही है, जिसे आज के समय में पुनः आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। यह विचार कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने शुक्रवार को राजस्थान विद्यापीठ के संघटक माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय के शिक्षा संकाय द्वारा प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय में आयोजित भारतीय ज्ञान…
