व्यक्ति की पहचान वस्तुओं से नहीं, आचरण से होती:डॉ. सुरेंद्र मुनि
भक्तामर स्तोत्र की 29वीं गाथा नशा मुक्ति के लिए विशेष कारगर उदयपुर। महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेंद्र मुनि ने जीवन में सद्आचरण के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने गुरुजनों के बताए मार्ग और उनके आचरण की विशेषताओं को जीवन में अपनाना चाहिए। मुनि श्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास भौतिक सुख-सुविधा और रहन-सहन के अच्छे से अच्छे साधन उपलब्ध हों, लेकिन जीवन जीने का तौर-तरीका व्यवस्थित और मर्यादित न हो, तो वह सर्वत्र अनादर का ही पात्र बनता है। प्राचीन समय में लोग…
