जीवन की सफलता डिग्री से नहीं, संस्कार और सदुपयोग से होती है तयःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने मंगलवार को कहा कि मनुष्य जीवन पूर्व जन्मों के शुभ कर्मों का दुर्लभ फल है। यह अनमोल जीवन हमें केवल भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि आत्मकल्याण और सद्कर्मों के लिए प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मनुष्य वह कार्य कर सकता है जो देवता भी नहीं कर सकते, इसलिए इस जीवन का प्रत्येक क्षण अमूल्य है। साध्वी श्रीजी ने कहा कि जीवन छोटा हो या बड़ा, यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसका उपयोग, सदुपयोग और दुरुपयोग कैसे किया जाता है, यही व्यक्ति के जीवन का…
