चातुर्मास की सच्ची सफलता स्वभाव परिवर्तन में है, केवल मौसम बदलने से नहींः साध्वी विद्युतप्रभा
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा आदि ठाणा 6 ने शुक्रवार को कहा कि चातुर्मास केवल ऋतु परिवर्तन का नहीं, बल्कि आत्मपरिवर्तन का अवसर है। यदि प्रकृति के साथ हमारे स्वभाव, विचार और आंतरिक भावों में परिवर्तन नहीं आता, तो चातुर्मास की वास्तविक साधना अधूरी रह जाती है। स्वभाव में सकारात्मक बदलाव ही चातुर्मास की सच्ची सफलता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति का परिवर्तन हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन अपने जीवन और व्यवहार में परिवर्तन लाना पूरी तरह हमारे हाथ में है। व्यापारी जिस प्रकार सदैव लाभ के बारे में सोचता है, उसी प्रकार…
