वाणी की मधुरता ही जीवन की सच्ची पहचानःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
देवेंद्रधाम में गुरु पुष्कर जयंती सप्ताह पर सामूहिक ध्यान साधना का हुआ आयोजन उदयपुर। महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन देते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने वाणी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मधुर वाणी अमृत के समान है, जबकि कटुक वाणी जहर के समान होती है। हमारे खानदान और कुल की पहचान कहने भर से नहीं, बल्कि हमारी वाणी से ही स्वतः हो जाती है। वाणी के प्रभाव से ही व्यक्ति के मित्र बनते हैं और असावधानी से शत्रु भी तैयार हो जाते हैं, इसलिए जीवन में वाणी-विवेक का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा…
