सुख-दुःख झूले की तरह आते-जाते हैंःडॉ. राजेन्द्र मुनि
उदयपुर। महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि सुख प्राप्त करने का एकमात्र उपाय यही है कि आप किसी को दुःख मत दीजिए और सदा दूसरों के लिए सुख की कामना कीजिए। उन्होंने कहा कि मानव मन की प्रवृत्ति अक्सर इसके विपरीत होती है; व्यक्ति दूसरों को दुःखी और केवल स्वयं को सुखी देखना चाहता है। जैसे बादल दूसरे के घरों में बरसते हैं, तभी वे अपने आँगन में भी बरसते हैं और जब बाजार में ग्राहक आते हैं, तभी हर दुकान पर रौनक आती है। जैसा बीज हम बोते हैं, वैसा…
