आत्मज्ञान के बिना मानव जीवन अधूराःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर, 27 सितम्बर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में धर्मसभा आयोजित हुई। पूज्य डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि आत्मज्ञान के अभाव में मानव जीवन अधूरा है। मनुष्य नश्वर शरीर और भौतिक सुख-सुविधाओं में उलझा रहता है, जबकि जीवन का वास्तविक आधार आत्मा है। उन्होंने कहा कि शरीर जड़ और आत्मा चेतन है। शरीर का अस्तित्व आत्मा के कारण ही है। जिस प्रकार किसी संख्या में ‘एक’ के बिना शून्यों का कोई मूल्य नहीं रहता, उसी प्रकार आत्मा के बिना शरीर के सभी अंग निष्प्राण हैं। उन्होंने आचार्य मानतुंग का उदाहरण देते…
