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“इमारतों में शून्य-कार्बन परिवर्तन” विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-‘आंगन 2022’ आयोजित

“इमारतों में शून्य-कार्बन परिवर्तन” विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-‘आंगन 2022’ आयोजित

"इमारतों में शून्य-कार्बन परिवर्तन" विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-'आंगन 2022' (ऑगमेंटिंग नेचर बाय ग्रीन अफोर्डेबल न्यू-हैबिटेट) का दूसरा संस्करण 14 सितंबर, 2022 को शुरू हुआ। विद्युत मंत्रालय में सचिव श्री आलोक कुमार ने सम्‍मेलन का उद्घाटन किया। ऊर्जा मंत्रालय में अपर सचिव श्री अजय तिवारी ने भी आज इस कार्यक्रम में भाग लिया। आंगन 2.0, का आयोजन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई), विद्युत मंत्रालय द्वारा इंडो-स्विस बिल्डिंग एनर्जी एफिशिएंसी प्रोजेक्ट (बीईईपी) के तहत स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन (एसडीसी) के सहयोग से किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के महानिदेशक डॉ. अजय माथुर, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी में ऊर्जा…
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एनएमडीसी को राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

एनएमडीसी को राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

भारत सरकार, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा सूरत में 14 सितंबर 2022 को आयोजित हिंदी दिवस समारोह के दौरान वर्ष 2021-22 के लिए राजभाषा कीर्ति पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने की । एनएमडीसी लिमिटेड को “ग” क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की श्रेणी में राजभाषा कीर्ति-तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया । एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सुमित देब ने यह पुरस्कार राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह से ग्रहण किया । इस अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री निशिथ प्रमाणिक, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री अजय कुमार मिश्रा, संसदीय राजभाषा समिति के सदस्यगण, भारत सरकार ,राजभाषा विभाग के उच्च अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे । इस अवसर पर श्री…
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बाल अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ शिकायतों के निवारण के लिए ऑनलाइन पोर्टल “ई-बाल निदान” को नया रूप दिया गया

बाल अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ शिकायतों के निवारण के लिए ऑनलाइन पोर्टल “ई-बाल निदान” को नया रूप दिया गया

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर) के समन्वित कामकाज और बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 की धारा 13(2) के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए, एनसीपीसीआर "ई-बाल निदान" पोर्टल पर सभी एससीपीसीआर तक पहुंच प्रदान करेगा। एनसीपीसीआर राज्य आयोगों को यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराएगा ताकि वे पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को देख सकें और आवश्यक कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, पोर्टल के पास एनसीपीसीआर से पंजीकृत शिकायतों को संबंधित राज्य आयोग को स्थानांतरित करने का विकल्प होगा, यदि राज्य आयोग पहले ही मामले का संज्ञान ले चुका है। यदि वे शिकायत समाधान में एनसीपीसीआर की भागीदारी चाहते हैं तो राज्य आयोगों को संयुक्त जांच का विकल्प भी प्रदान किया जाएगा। आयोग ने 2022 में नई सुविधाओं को शामिल करने के लिए इस पोर्टल को नया रूप दिया है, जो शिकायतों से निपटने के दौरान शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ आयोग के लिए भी फायदेमंद होगा। कुछ नई विशेषताओं में यंत्रीकृत और समयबद्ध तरीके से शिकायत की प्रकृति के आधार पर बाल अपराध न्याय, पॉक्सो, श्रम, शिक्षा आदि जैसे विषयों में शिकायतों का विभाजन, आयोग में आंतरिक निगरानी और शिकायतों का हस्तांतरण, हर स्तर पर शिकायतों की अधिक से अधिक ट्रैकिंग शामिल है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) (इसके बाद आयोग के रूप में संदर्भित) बाल अधिकारों और देश में अन्य संबंधित मामलों में बचाव के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 की धारा 3 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय है। आयोग को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम, 2012 के उचित और प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करना भी अनिवार्य है; बाल अपराध न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009, सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 13 के तहत निर्धारित कार्यों में से एक में आयोग को सौंपा गया है। यह बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए वर्तमान में लागू किसी कानून द्वारा या उसके तहत प्रदान किए गए सुरक्षा उपायों की जांच और समीक्षा करने और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उपायों की सिफारिश करने का कार्य करता है। आयोग ने सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 13 के तहत अपने शासनादेश और कार्यों को पूरा करने के लिए 2015 में एक ऑनलाइन शिकायत प्रणाली "ई-बाल निदान" विकसित किया था। यह वेब पते के साथ एक ऑनलाइन पोर्टल www.ebaalnidan.nic.in है, जिसमें कोई भी व्यक्ति किसी बच्चे के खिलाफ किए गए किसी भी उल्लंघन के बारे में शिकायत दर्ज करा सकता है और इस तरह के पंजीकरण के बाद शिकायतकर्ता को शिकायत पंजीकरण संख्या मिल जाएगी। इस नंबर के माध्यम से शिकायतकर्ता द्वारा आयोग में शिकायत के निवारण की प्रगति का पता लगाया जा सकता है। पंजीकरण फॉर्म इस तरह से तैयार किया गया है कि शिकायत के सभी पहलुओं का उल्लेख किया जा सके और शिकायतकर्ता द्वारा विवरण प्रदान किया जा सके। प्रपत्र में घटना की तारीख, घटना का स्थान, पीड़ित के बारे में जानकारी, प्राधिकरण, शिकायत की प्रकृति और श्रेणी, क्या कार्रवाई शुरू की गई, आदि विवरण शामिल है। आयोग के साथ पंजीकृत शिकायतों की प्रक्रिया चलाई जाती है और आयोग को प्राप्त किसी अन्य शिकायत की तरह ही इसका भी निपटारा किया जाता है। रिपोर्टिंग का यह ऑनलाइन तंत्र यह सुनिश्चित करता है कि शिकायतकर्ता को बिना किसी लागत के ऑनलाइन मोड के माध्यम से आयोग को शिकायत करने में आसानी हो। यह शिकायतकर्ता के लिए शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है और आयोग द्वारा मामलों के समय पर निपटान में मदद करता है।
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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत में फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबाल एसोसिएशन (फीफा) अंडर-17 महिला विश्व कप 2022 की मेजबानी के लिए गारंटी पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत में फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबाल एसोसिएशन (फीफा) अंडर-17 महिला विश्व कप 2022 की मेजबानी के लिए गारंटी पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत में फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबाल एसोसिएशन (फीफा) अंडर-17 महिला विश्व कप 2022 की मेजबानी के लिए गारंटी पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दे दी है। फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप 2022 भारत में 11 अक्टूबर 2022 से लेकर 30 अक्टूबर 2022 के दौरान आयोजित किया जाने वाला है। इस द्विवार्षिक युवा टूर्नामेंट का सातवां संस्करण भारत द्वारा आयोजित की जाने वाली पहली फीफा महिला प्रतियोगिता होगी। फीफा अंडर-17 पुरुष विश्व कप 2017 की सकारात्मक विरासत को आगे बढ़ाते हुए, देश महिला फुटबाल की उस महत्वपूर्ण घड़ी की तैयारी कर रहा है जब दुनिया भर की सर्वश्रेष्ठ युवा महिला फुटबाल खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को जीतने के लिए…
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्री श्री भुपेंद्र यादव ने कूनो नेशनल पार्क की तैयारियों का लिया जायज़ाचीतों की वापसी एक ऐतिहासिक कदम: श्री भुपेंद्र यादव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। इसके मद्देनजर कूनो नेशनल पार्क में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। इसी क्रम में रविवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह यादव ने कूनो नेशनल पार्क में चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने उस फेंसिंग बाढ़ को भी देखा जहां पर नामीबिया से आये चीतों को 30 दिन के लिए क्वारंटीन में रखा…
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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय स्टार्टअप हब और मेटा, भारत में एक्सआर प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को गति देने के लिए सहयोग करेंगे

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय स्टार्टअप हब और मेटा, भारत में एक्सआर प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को गति देने के लिए सहयोग करेंगे

मेटा के सहयोग से इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय स्टार्टअप हब (एमएसएच) पूरे भारत में एक्सआर प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को समर्थन और गति प्रदान करने के लिए एक कार्यक्रम लॉन्च करेगा। कार्यक्रम की घोषणा 13 सितंबर 2022 को की जाएगी। केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री एवं कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर तथा मेटा की वैश्विक नीति के उपाध्यक्ष श्री जोएल कपलान इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। यह सहयोग; उभरती और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में कुशलता बढ़ाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। बड़ी संख्या में रचनाकारों, डेवलपर्स की मौजूदगी और एक जीवंत प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम के साथ…
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राष्ट्रीय धातुविज्ञानी पुरस्कार योजना; आवेदन आज से लिये जायेंगे और अंतिम तिथि 11 अक्टूबर, 2022 है

राष्ट्रीय धातुविज्ञानी पुरस्कार योजना; आवेदन आज से लिये जायेंगे और अंतिम तिथि 11 अक्टूबर, 2022 है

आवेदन केवल ऑनलाइन प्राप्त किये जायेंगे इस्पात मंत्रालय ने राष्ट्रीय धातुविज्ञानी पुरस्कार 2022 को अनुमति दे दी है। आवेदन आज से लिये जायेंगे और उन्हें प्राप्त करने की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर, 2022 है। आवेदन एनएमए पोर्टल के जरिये केवल ऑनलाइन लिये जायेंगे। एनएमए पोर्टल का पता  " https://awards.steel.gov.in/ " है। योजना की पृष्ठभूमिः राष्ट्रीय धातुविज्ञानी दिवस पुरस्कारों की शुरुआत तत्कालीन इस्पात एवं खान मंत्रालय ने 1962 में की थी। धातुकर्म के क्षेत्र में धातुविज्ञानियों के शानदार योगदान को मान-सम्मान देने के लिये पुरस्कार शुरू किये गये थे। धातुकर्म के क्षेत्र में संचालन, अनुसंधान, डिजाइन, शिक्षा, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा संरक्षण की गतिविधियां शामिल हैं।…
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भारतीय रेलवे ने ऑटोमोबाइल यातायात में वृद्धि दर्ज की

भारतीय रेलवे ने ऑटोमोबाइल यातायात में वृद्धि दर्ज की

पिछले 8 वर्षों के दौरान 'छोटे यात्री वाहनों (कारों) के घरेलू परिवहन' की हिस्सेदारी में दस गुनी से अधिक वृद्धि परिवहन का एक स्वच्छ माध्यम होने के कारण, रेलवे न केवल ऑटोमोबाइल उद्योग को बड़ी संख्या में वाहनों को लंबी दूरी तक के परिवहन में मदद करता है, बल्कि इन्हें कार्बन फुटप्रिंट को कम करने का भी अवसर देता है। हाल के दिनों में भारतीय रेलवे में ऑटोमोबाइल यातायात में तेज वृद्धि देखी गई है। ऑटोमोबाइल यातायात में यह वृद्धि विभिन्न पहलों का परिणाम है, जैसे निजी स्वामित्व वाले विशेष वैगनों की उपलब्धता। सोसाइटी फॉर इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) सहित…
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पद्म  पुरस्कार-2023 के लिए नामांकन 15 सितंबर 2022 तक जमा किए जा सकते हैं

पद्म पुरस्कार-2023 के लिए नामांकन 15 सितंबर 2022 तक जमा किए जा सकते हैं

गणतंत्र दिवस, 2023 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार 2023 के लिए ऑनलाइन नामांकन/अनुशंसा जमा करने की प्रक्रिया 1 मई 2022 से शुरू हो गई है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2022 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/अनुशंसा के आवेदन केवल ऑनलाइन तरीके से राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in ) पर जमा किए जा सकते हैं। पद्म पुरस्कार, अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। ये पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि क्षेत्रों/विषयों से जुड़े 'विशिष्ट कार्य' को मान्यता देते हैं और…
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अधिकाधिक करें हिंदी का प्रयोग-फग्गन सिंह कुलस्ते

अधिकाधिक करें हिंदी का प्रयोग-फग्गन सिंह कुलस्ते

इस्‍पात मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक वाराणसी में सम्पन्न वाराणसी। इस्‍पात मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक ,वाराणसी में समिति के उपाध्यक्ष केन्द्रीय इस्‍पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, श्री फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते की अध्यक्षता में संपन्न हुई। अपने उद्बोधन में श्री कुलस्ते ने सभी सदस्‍यों द्वारा मंत्रालय और उपक्रमों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए दिए गए सुझावों का स्‍वागत किया और कार्यालयीन काम-काज में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने पर बल दिया। मंत्री महोदय ने सदस्‍यों को आश्‍वस्‍त किया कि उनके द्वारा दिए गए रचनात्‍मक सुझावों पर यथोचित व यथाशीघ्र कार्रवाई…
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