उदयपुर के रॉकवुड स्कूल में जालौर के छात्र से रैगिंग, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज

एक महीने तक पुलिस ने मामला दबाए रखा, अब आईजी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हो पाया मामला
उदयपुर। शहर के चित्रकूटनगर स्थित निजी रॉकवुड स्कूल में 11 वीं कॉमर्स के छात्र के साथ रैंगिंग की गई। सीनीयर छात्रों के परेशान तथा मारपीट करने की शिकायत स्कूल शिक्षक एवं प्रबंधन को की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। जब मामला थाने में पहुंचा तो स्कूल प्रबंधन के दबाव में पुलिस ने भी डेढ़ महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। अब उदयपुर महानिरीक्षक की दखल के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। बाल संरक्षण आयोग ने भी इस मामले में पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला सितम्बर महीने का है। पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि 9 सितम्बर को उनके बेटे ने फोन पर बताया कि उसके साथ सीनीयर छात्रों ने मारपीट की तथा उसका खाना छीन लिया। वह इस तरह का दुर्व्यवहार आए दिन करते रहते हैं। इसकी शिकायत उसने स्कूल शिक्षिका तथा प्रबंधन से की थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने आरोपी छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर वह खुद 11 सितम्बर को अपने बेटे के साथ स्कूल गए थे।
इधर, सुखेर थाना पुलिस ने बताया कि जालौर जिले के चंद्रप्रकाश सोनी की शिकायत पर रॉकवुड स्कूल प्रबंधन में शामिल दीपक शर्मा, शिक्षिका रेनू, अश्विनी सिंह तथा आयुष्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 323 तथा 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और इसकी जांच हैड कांस्टेबल स्वयं नारायण सिंह को सौंपी गई है।
20 से 25 जूनियर बच्चों से सीनीयर करते थे दुर्व्यवहार
पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि जब वह स्कूल पहुंचे तथा जूनियर बच्चों से जानकारी ली तो पता चला कि उनका बेटा ही पीड़ित नहीं, बल्कि बीस से पच्चीस बच्चों के साथ सीनीयर्स ने कई बार दुर्व्यवहार किया। स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी और उसके बाद भी कोई एक्शन नहीं लिए जाने के बाद वह सुखेर थाने पहुंचे तथा 17 अक्टूबर को परिवाद पेश किया लेकिन पुलिस भी स्कूल प्रबंधन के दबाव में आ गई और मामला दर्ज नहीं किया।
बाल संरक्षण आयोग ने एसपी से रिपोर्ट
जूनियर स्कूली छात्रों के साथ रैगिंग का संज्ञान जब बाल संरक्षण आयोग को हुआ तो उसने उदयपुर के पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव को इस मामले में नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई करने के साथ कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने एसपी को बताया कि पीड़ित छा? की शिकायत पर ना तो स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई की और ना ही पुलिस ने कोई एक्शन लिया। उन्होंने इस मामले में पांच दिन में आवश्यक कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है।

By Udaipurviews

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