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पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर मुख्यमंत्री का एनएमओपीएस ने किया स्वागत

पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर मुख्यमंत्री का एनएमओपीएस ने किया स्वागत

जयपुर, 22 मई। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू किए जाने पर नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के पदाधिकारियों ने उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।श्री गहलोत का मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा सहित 25 राज्यों से आए पदाधिकारियों और कार्मिकों ने साफा पहनाकर और स्मृति चिंह भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर श्री गहलोत ने कहा कि वर्ष 2022-23 के बजट में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का फैसला मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर लिया गया है। जीवन के अहम वर्ष सरकार को देने…
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तम्बाकू नियंत्रण अभियान के तहत  विद्यार्थियों की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न

तम्बाकू नियंत्रण अभियान के तहत  विद्यार्थियों की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न

उदयपुर, 22 मई। राज्य सरकार की जन घोषणा एवं निरोगी राजस्थान अभियान के अंतर्गत तम्बाकू मुक्त राजस्थान अभियान के लिए निर्धारित सौ दिवसीय कैंपेन के तहत युवाओं को तम्बाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए राज्य स्तरीय भाषण प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें राज्य के 33 जिलों के ग्राम, ब्लॉक एवं जिला स्तर से जीतकर आए विद्यार्थियों ने भाग लिया। उदयपुर जिले से झल्लारा ब्लॉक के छात्र ईशान चौबीसा ने इस प्रतियोगिता के लिए जिले का प्रतिनिधित्व किया जिसे मिशन निदेशक डॉ जितेंद्र सोनी ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित करते हुए उज्जवल भविष्य की…
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अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया

Udaipurviews उदयपुर, 22 मई। वन विभाग की ओर से रविवार को वन भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया गया।इस अवसर पर संभागीय मुख्य वन संरक्षक आर.के. सिंह ने बताया कि विश्व में पेड़-पौधों व जीव जन्तुओं की जितनी भी प्रजातियां पाई जाती है उनमें से यदि कोई भी एक प्रजाति लुप्त होती है तो इससे दूसरी प्रजातियों के लुप्त होने का खतरा बढ़ जाता है। इस कारण मानव प्रजाति के अस्तित्व पर भी प्रश्न चिन्ह लग जाता है। उन्होंने जैव विविधता के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) आर.के.…
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रीट लेवल वन के शिक्षकों का काउंसलिंग कार्यक्रम जारी 24 मई से 26 मई तक चलेगी काउंसलिंग

रीट लेवल वन के शिक्षकों का काउंसलिंग कार्यक्रम जारी 24 मई से 26 मई तक चलेगी काउंसलिंग

Udaipurviews उदयपुर 22 मई।  जिला परिषद उदयपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा राजस्थान प्राथमिक और उच्च प्राथमिक तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती 2021-22 लेवल वन सामान्य एवं विशेष शिक्षकों नॉन टीएसपी एवं टीएसपी एरिया के अस्थाई प्रोविजनल चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के संबंध में विद्यालय चयन हेतु निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जिले को आवंटित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग रखी गई है।जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक शिक्षा वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि  जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) गोवर्धन विलास उदयपुर में प्रातः 8 बजे से  काउंसलिंग  प्रारंभ हो जाएगी। अभ्यर्थियों के रजिस्ट्रेशन कार्य प्रातः 8 से 9 बजे तक किया जाएगा एवं काउंसलिंग…
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आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत आज उदयपुर में

आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत आज उदयपुर में

गांधी ग्राउंड में करेंगे केन्द्रीय जनजाति आवासीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ उदयपुर, 22 मई। राजस्थान क्रिकेट संघ के अध्यक्ष वैभव गहलोत आज उदयपुर दौरे पर रहेंगे। वे सोमवार की शाम 5 बजे शहर के गांधी ग्राउंड में खेल विभाग, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद जयपुर एवं क्षेत्रीय खेलकूद प्रशिक्षण केन्द्र उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित केंद्रीय जनजाति प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करेंगे।कलेक्टर ने देखी अंतिम तैयारियांजिला कलक्टर ताराचंद मीणा रविवार की शाम गांधी ग्राउण्ड पहुंचे। वहां उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया और आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए।…
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फिजिकल ट्रेनिंग में दिखा जवानों का उत्साह 

फिजिकल ट्रेनिंग में दिखा जवानों का उत्साह 

एमएसएफ कम्पनी का अपने सुरक्षाकर्मियों की फिटनेस पर फोकस                              Udaipurviews उदयपुर 22 मई । निजी सुरक्षा एजेंसियों में एमएसएफ (मोर्डन वीर रेज सिक्युरिटी फोर्स) अपने जवानों के शारीरिक फिटनेस पर ज्यादा फोकस कर रहा है। कोरोनाकाल के दौरान भी जवान अपनी वेल फिटनेस के बूते ड्यूटी पर मुश्तैद रहे थे। उन्हें विशेषज्ञ समय-समय पर वर्चुअल मीटिंग-ट्रेनिंग व नित नए टिप्स और टास्क देते रहे। रविवार अलसुबह कम्पनी की उदयपुर यूनिट के सभी जवान यहां फतहसागर की पाल पर एकत्र हुए। स्थानीय प्रबन्धक महेंद्र सिंह की देखरेख…
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मेवाड़ का पारंपरिक लोक नृत्य गवरी

मेवाड़ का पारंपरिक लोक नृत्य गवरी

मेवाड़ क्षेत्र में किया जाने वाला यह नृत्य भील जनजाति का प्रसिद्ध नृत्य है। इस नृत्य को सावन-भादो माह में किया जाता है। इस में मांदल और थाली के प्रयोग के कारण इसे ' राई नृत्य' के नाम से जाना जाता है। https://youtu.be/yGyO0mf0sn0 इसे केवल पुरुषों के दुवारा किया जाता है। वादन संवाद, प्रस्तुतिकरण और लोक-संस्कृति के प्रतीकों में मेवाड़ की गवरी निराली है। गवरी का उदभव शिव-भस्मासुर की कथा से माना जाता है।इसका आयोजन रक्षाबंधन के दुसरे दिन से शुरू होता है। गवरी सवा महीने तक खेली जाती है। इसमें भील संस्कृति की प्रमुखता रहती है। यह पर्व आदिवासी…
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शिल्पग्राम उदयपुर (Shilpgram Udaipur)

शिल्पग्राम उदयपुर (Shilpgram Udaipur)

शिल्पग्राम उदयपुर के पशिचम में लगभग ३ किलोमीटर दूर गांव हवाला में स्थित है। लगभग 16.1500 है- भूमि क्षेत्र में फैला तथा अरावली पर्वतमालाओं के मध्य में बना शिल्पग्राम पशिचम क्षेत्र के ग्रामीण तथा आदिम संस्कृति एवं जीवन शैली को दर्शाने वाला एक जीवन्त संग्रहालय है। यह आदिवासी लोक कला एवं सभ्यता-संस्कृति का संग्रहालय है, जहां लोक जीवन के प्रतीकों को कलात्मकता से प्रदर्शित किया गया है। शिल्पग्राम में एक भव्य मुक्ताकाशी रंगमंच आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। दो चट्टानों के मध्य आयताकार एवं अर्धचंद्राकार बने इस रंगमंच पर सदस्य राज्यों के लोक कलाकार अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं।…
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राजस्थान का वेल्लोर भैंसरोडगढ़ दुर्ग

राजस्थान का वेल्लोर भैंसरोडगढ़ दुर्ग

राजस्थान का वेल्लोर भैंसरोडगढ़ दुर्ग चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे से 7 किलोमीटर दूर अरावली पर्वतमाला की एक विशाल घाटी के मध्य पर्वत शिखर के अंतिम छोर पर स्थित है। चंबल और बामणी नदियों के संगम स्थल पर बसा यह दुर्ग तीन ओर से वर्ष पर्यंत वृहद जलराशि से आप्लावित रहता है। इस दुर्ग को तीन तरफ से सुरक्षित और दुर्जेय बना दिया है। केवल उत्तर में, निकटवर्ती पहाड़ी से इस दुर्ग पर आक्रमण कर उसे जीतना संभव था। यह एक अभेद्य विकट दुर्ग है जो जलदुर्ग की श्रेणी में आता है। नैसर्गिक सुरक्षा कवच युक्त इस दुर्ग का प्राकृतिक…
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मारवाड़ का सीमावर्ती सोजत का किला

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मारवाड़ का सीमावर्ती सोजत का किला

सोजत का किला मारवाड़ का सीमावर्ती दुर्ग है जो जोधपुर से 110 कि.मी. दूर पाली जिले के सोजत कस्बे में सुकड़ी नदी के मुहाने पर अवस्थित है। मारवाड़ और मेवाड़ के मध्य स्थित होने के कारण विगत युद्ध और संघर्षकाल में इसका विशेष सामरिक महत्व था। गोडवाड क्षेत्र पर निगरानी रखने तथा मेवाड़ की ओर से किसी भी संभावित आक्रमण का मुकाबला करने के लिए मारवाड़ (जोधपुर) रियासत की सेना का एक सशक्त दल यहां तैनात रहता था। सोजत एक प्राचीन स्थान है जो तांबावती (त्रंबावती) नगर के नाम से प्रसिद्ध था। मारवाड़ राज्य के इतिहास में उल्लेख है कि…
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