– आक्या 6823 वोटों से जीते, निंबाहेड़ा से श्रीचंद्र कृपलानी जीते
चित्तौड़गढ। चित्तौड़गढ़ विधानसभा में रोचक मुकाबला देखने को मिला। यहां भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे चंद्रभान सिंह आक्या 6823 वोटों से जीत गए हैं। वहीं, बीजेपी के बड़ीसादड़ी से गौतम दक 11832 मतों से, निंबाहेड़ा से श्रीचंद्र कृपलानी 3845 मतों से जीत गए। जिले में भाजपा आगे चल रही है। बीजेपी के कपासन से भी अर्जुनलाल जीनगर और बेगूं से सुरेश धाकड़ भी जीत चुके निर्दलीय प्रत्याशी चंद्रभान सिंह आक्या ने एक बार फिर हैट्रिक लगाते हुए कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह जाड़ावत को हरा दिया। आक्या ने लगातार तीसरी बार सुरेंद्र सिंह को हराते हुए जीत हासिल की। इससे पहले साल 2013 में चंद्रभान सिंह आक्या ने पहली बार विधानसभा चित्तौड़गढ़ से विधायक पद के लिए चुनाव लडे, इसमें उन्होंने कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह जाड़ावत को 11 हजार 805 मतों से हराया। उस समय आक्या बीजेपी के प्रत्याशी थे। 2013 चुनाव में बीजेपी को 85 हजार 391 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 73 हजार 850 मत मिले थे। इसी तरह, 2018 में दूसरी बार भी विधायक के लिए आक्या चुनाव लडे, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह जाड़ावत को 23 हजार 894 मतों से हराया। उस साल बीजेपी को एक लाख 6 हजार 563 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस को 82 हजार 669 वोट को मिले थे।
जाड़ावत ने आखरी चुनाव का किया था एलान
इस साल सुरेंद्र सिंह जाड़ावत को टिकट नहीं मिलने के कयास से काफी विरोध प्रदर्शन हुआ था। जब उन्हें टिकट मिला तो उन्होंने यह एलान किया था कि यह उनका आखरी चुनाव है। आगे वो पार्टी से जुड़े रहेंगे और नए प्रत्याशी को तैयार करेंगे। इस बार बीजेपी से चंद्रभान का टिकट काटे जाने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी कॉन्फिडेंट थे कि जीत कांग्रेस की होगी। अशोक गहलोत के विकास कार्यों के आधार पर यह चुनाव लड़ा गया था। लेकिन अपने आखरी चुनाव को भी जाड़ावत जीत में नहीं बदल पाए।
चित्तौड़गढ़ में 4 सीटों पर बीजेपी, 1 पर निर्दलीय
