पक्षीघर जीव दया का उत्कृष्ट कार्य  : साध्वी प्रफुल्ल प्रभा

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

– आयड जैन तीर्थ स्थित शंखेश्वर पक्षीघर का उदघाटन सम्पन्न  
उदयपुर 17 अगस्त। श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ तीर्थ पर बरखेड़ा तीर्थ द्वारिका शासन दीपिका महत्ता गुरू माता सुमंगलाश्री की शिष्या साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री एवं वैराग्य पूर्णाश्री आदि साध्वियों के सानिध्य में गुरुवार को शंखेश्वर पक्षीघर का उद्घाटन हुआ।   महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आयड़ तीर्थ के आत्म वल्लभ सभागार में सुबह 7 बजे दोनों साध्वियों के सानिध्य में अष्ट प्रकार की पूजा-अर्चना की गई। उसके बाद  साध्वीजी की निश्रा में जेएसजी विजय द्वारा आयड तीर्थ पर निर्मित श्री शंखेश्वर पक्षीघर का उद्घाटन किया गया। नाहर ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम उपमहापौर पारस सिंघवी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष तेजसिंह बोल्या ने की। कार्यक्रम में जैन सोशल गु्रप इन्टरनेशलन फेडरेशन की ओर से आयड़ जैन तीर्थ में पंछी घर बनाया गया। मेवाड़ रिजन के अध्यक्ष अनिल नाहर, अरविन्द बडाला, राजेश खमेसरा, गुणवत बागरेचा, महेश पोरवाल, अरूण माण्डोत, कार्यक्रम संयोजक दिलीप सुराणा, मोहनलाल बोहरा, दिलीप माण्डोत सहित सभी सदस्यों को उपरणा, पगड़ी, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व जेएसजीआईएफ मेवाड रिजन की संगीनी कन्वीनर मधु खमेसरा ने मंगलाचरण कर समारोह का आग़ाज़ किया।   जैन श्वेताम्बर महासभा के अध्यक्ष तेजसिंह बोल्या ने बताया कि मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उपमहापौर पारस सिघवी ने पक्षीयो के लिए सर्दी गर्मी धूप छाँव बारिश से राहत के अलावा घोंसला का बचाव के लिए पक्षीघर निर्माण के जेएसजी के इस सेवा कार्य से सभी को प्रेरणा लेकर इस दिशा में कार्य करने की अपील की। पक्षीघर का निर्माण के जीव दया का उत्कृष्ट सेवा कार्य बताते हुए निरीह पक्षीयो के लिए जेएसजी की पहल की सराहना की। चातुर्मास संयोजक अशोक जैन ने बताया कि प्रवचनों की श्रृंखला में प्रात: 9.15 बजे साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री व वैराग्यपूर्णा ने बताया कि  जीवदया के बारे में बताया कि हमें अधिक से अधिक मूक प्राणियों की जीव दया करनी चाहिये। गायों के लिए गौशाला, बकरियों के लिए पक्षियों के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि सर्दी-गर्मी- धूप-छांव सँ ऐसे जीव राहत पा सके। इनकी सेवा-इनका रख-रखाव का हम पूर्ण रूप से ध्यान देना ही चाहिए।  गुरुवार को पूज्य साध्वीजी की निश्रा में संक्राती के रूप में महामांगलिक स्लोग श्रवण का कार्यक्रम आयोजन किया गया। स्तोत्र-पाठ का स्मरण किया गया।  आयड़ जैन तीर्थ पर प्रतिदिन सुबह 9.15 बजे से चातुर्मासिक प्रवचनों की श्रृंखला में धर्म ज्ञान गंगा अनवरत बह रही है।

By Udaipurviews

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