भक्ति और सुरों की अनोखी संगम: सुरों की मंडली का भव्य सुंदरकांड सम्पन्न

अशोका पैलेस में गूंजे राम भक्ति के सुर, संगीतमय सुंदरकांड ने बांधा समां 
सुरों की मंडली संस्था में भव्य संगीतमय सुंदरकांड का सफल आयोजन 
उदयपुर: उदयपुर स्थित अशोका पैलेस में सुरों की मंडली संस्था द्वारा आयोजित भव्य संगीतमय सुंदरकांड अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस दिव्य आयोजन में लगभग सवा सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि अशोका पैलेस में इस प्रकार का विशाल एवं संगीतमय सुंदरकांड पहली बार आयोजित हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालु श्रीराम, माता सीता एवं भगवान हनुमान की भक्ति में पूरी तरह लीन नजर आए।
संस्था के सचिव अरुण चौबीसा ने इसे एक यादगार एवं उत्कृष्ट आयोजन बताते हुए कहा कि सुपर सिंगर टीम के सदस्यों ने शानदार व्यवस्थाएं संभालते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
सुंदरकांड की व्यासपीठ का संचालन योगेश उपाध्याय ने किया। उन्होंने मधुर भजनों और संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से ऐसा वातावरण निर्मित किया कि पूरा पांडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया। इस दिव्य प्रस्तुति में कैलाश केवालय, निखिल महेश्वरी, सुशील वैष्णव एवं विकास वैष्णव ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए आयोजन को सफल बनाया।
कार्यक्रम में कई भामाशाहों ने अपनी श्रद्धानुसार सहयोग प्रदान किया। अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी द्वारा की गई। अन्य सहयोगकर्ताओं में शिव रतन तिवारी, हेमा जोशी, निशा राठौड़, संजीव पटवा, नारायण लोहार, गोपाल गोठवाल, महावीर जैन, कमल जुनेजा, सुरेंद्र व्यास एवं नूतन वेदी प्रमुख रहे।
महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया। लाइव ऑर्केस्ट्रा पर सुरेश एंड कंपनी द्वारा प्रस्तुत संगीतमय धुनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और ऊर्जा से भर दिया।
कैलाश केवालय एवं निखिल महेश्वरी ने जानकारी दी कि संस्था भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं संगीतमय आयोजनों का आयोजन करती रहेगी, जिसमें खाटू श्याम दरबार, माता का दरबार एवं नवरात्रि महोत्सव शामिल होंगे।
सुपर सिंगर टीम के सुशील वैष्णव एवं विकास सोनी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा सुरों की मंडली संस्था उदयपुर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है, जिसे आगे भी निरंतर बनाए रखा जाएगा।
By Udaipurviews

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