(प्रतीक जैन)
खेरवाड़ा,उपखण्ड में छह दिवसीय दिव्य कलश यात्रा का पांचवें दिन बुधवार को भैरव तालाब की पाल पर स्थित भाणदा गायत्री चेतना केंद्र मे प्रातः एक कुंडिय यज्ञ सम्पन्न कर रथ चित्तौड़ा,कनबई, उखेडी, डबायचा,भौमटावाडा,पाटीया, बलीचा, सुन्दरा, बायडी द्वीप यज्ञ, लकोडा होते हुए रात्री विश्राम हेतु झूथरी पहुंचा। जगह जगह पर गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा भव्य स्वागत कर पुष्प अर्पित कर आरती की गई। चेतना केंद्र भाणदा के संचालक कांति लाल कलाल ने बताया कि इससे पूर्व भाणदा गांव में प्रातः एक कुंडीय यज्ञ संपन्न हुआ जिसमें धर्म प्रेमियों ने आहुति अर्पित की। रथ का गांव के गण मान्य सज्जन, महिला, बहने, बालक बालिकाएं, 11 कलशधारी कन्याओं के साथ में शानदार स्वागत किया गया। भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर में संकीर्तन करते हुए शोभायात्रा गुजरी। बीच-बीच में श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन एवं आरती का लाभ प्राप्त किया ! शांतिकुंज हरिद्वार से साथ चल रहे गायत्री परिवार के साधक ने बताया कि आधुनिकता के इस समय में धर्म जागरण बहुत जरूरी है धर्म के द्वारा मानव में संस्कार पैदा होते हैं और संस्कार विहीन मनुष्य पशु समान है।
