नई दिल्ली। राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए ब्यावर स्थित ऐतिहासिक महालक्ष्मी मिल को पुनः प्रारम्भ करने की मांग की। उन्होंने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्ष 1925 में स्थापित यह मिल क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार का प्रमुख आधार रही है।
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा कि लगभग 100 वर्ष पुरानी इस मिल के नवीनीकरण का कार्य वर्ष 2008 में प्रारम्भ किया गया था, लेकिन आज तक यह मिल पुनः चालू नहीं हो पाई है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि ब्यावर जिला कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में कानपुर, कोलकाता और अहमदाबाद की तरह महत्वपूर्ण स्थान रखने की क्षमता रखता है, और महालक्ष्मी मिल के पुनः शुरू होने से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा बल्कि पारंपरिक उद्योग को भी नया जीवन मिलेगा।
सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पारंपरिक औद्योगिक गतिविधियों को सम्मान देते हुए महालक्ष्मी मिल, ब्यावर का शीघ्र नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण कर पुनः प्रारम्भ किया जाए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिले और औद्योगिक विकास को गति मिल सके।
श्रीमती मेवाड़ ने कहा कि वे राजसमंद सहित सम्पूर्ण मेवाड़ क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक पुनर्जीवन के मुद्दों को संसद में निरंतर उठाती रहेंगी।
