उदयपुर में 13-14 मार्च को होगा महाराणा प्रताप वार्षिक भू-राजनीति संवाद 2026

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वैश्विक मुद्दों पर मंथन के लिए उदयपुर में जुटेंगे अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विशेषज्ञ
उदयपुर, 12 मार्च। उसानस फाउंडेशन द्वारा आयोजित महाराणा प्रताप वार्षिक भू-राजनीति संवाद (महाराणा प्रताप एनुअल जिओपॉलिटिक्स डायलॉग) 2026 का पाँचवाँ संस्करण 13-14 मार्च 2026 को उदयपुर में आयोजित किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उसानस फाउंडेशन के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अभिनव पंड्या ने बताया कि इस वर्ष के संवाद का विषय “चक्रव्यूह से शांतिपर्वः संघर्ष से सहमति तक” रखा गया है। यह विषय वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में बढ़ते संघर्षों, रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और अस्थिरता के बीच संवाद, सहमति और शांति के मार्ग तलाशने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित राजनयिक, विद्वान, नीति-निर्माता और रणनीतिक विशेषज्ञ भाग लेंगे।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, माननीय राज्यपाल, बिहार होंगे, जबकि मुख्य वक्तव्य डेनियल बेनाइम, पूर्व डिप्युटी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर अरेबियन पेनिसुला अफियर द्वारा दिया जाएगा। इस संवाद में कई विशिष्ट वक्ता भी भाग लेंगे, जिनमेंडॉ. सी. राजा मोहन, विजिटिंग रिसर्च प्रोफेसर, इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज़, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर; राजदूत सुजन चिनॉय, महानिदेशक, मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेन्स स्टडीज एंड एनालिसिस (एमपी एंड आईडीएसए) पीटर क्नूपे, सीनियर एसोसिएट फेलो, क्लिंगेंडेल इंस्टीट्यूट तथा एसोसिएट फेलो, आईसीसीटी द हेग; एरिक ग्रिगोरियन, पूर्व पर्यावरण मंत्री, आर्मेनिया; और दामदिन त्सोग्तबातर, मंगोलिया की स्टेट ग्रेट खुराल (संसद) के सदस्य तथा मंगोलिया के पूर्व विदेश मंत्री शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अनेक अन्य प्रतिष्ठित विशेषज्ञ और कूटनीतिज्ञ भी इस संवाद में अपने विचार साझा करेंगे।

इस अवसर पर महाराणा प्रताप वार्षिक फेलो अवॉर्ड्स भी प्रदान किए जाएंगे, जिन्हें महाराणा विश्वराज सिंह मेवाड़ द्वारा सम्मानित किया जाएगा। संवाद के विभिन्न सत्रों में समकालीन वैश्विक राजनीति और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इनमें महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता, आतंकवाद और प्रतिआतंकवाद की चुनौतियाँ, बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका, जियो-इकोनॉमिक्स, व्यापारिक शुल्क और वैश्विक व्यापारिक तनाव जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल हैं। इन विषयों पर गहन विचार-विमर्श के माध्यम से सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों की बेहतर समझ विकसित करना और नीति-निर्माण से जुड़े विमर्श को समृद्ध करना है।

महाराणा प्रताप वार्षिक भू-राजनीति संवाद पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक रणनीतिक विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। इसके पूर्व संस्करणों में भी कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भाग लिया है, जिनमें क्रोएशिया की पूर्व राष्ट्रपति कोलिंडा ग्राबर-कितारोविच, जॉर्डन के पूर्व उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जवाद अनानी तथा भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी जैसी प्रमुख हस्तियाँ शामिल रही हैं। इस प्रकार यह संवाद नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और रणनीतिक विशेषज्ञों के लिए एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ समकालीन वैश्विक चुनौतियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर गंभीर, सार्थक और दूरदर्शी चर्चा संभव हो पाती है।

By Udaipurviews

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